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क्या प्रदूषण जोखिम गंजेपन को बढ़ा सकता है

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इस दुनिया में शायद में ही कोई इंसान हो जिसे अपने सिर पर बाल पसंद ना हो, पहले बाल उड़ना या गंजेपन को बुढ़ापे की निशानी मानते थे| लेकिन आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और प्रदूषित वातावरण की वजह से बहुत सारे लोगो के बाल कम उम्र में ही उड़ जाते है और वो गंजे हो जाते है| हमारे चेहरे की सुंदरता हमारे सिर के बालो पर भी निर्भर करती है, एक गंजा इंसान किसी बाल वाले इंसान के सामने कम सुन्दर प्रतीत होता है, आमतौर पर देखा गया है की महिलाओ की तुलना में पुरुषो के बाल अधिक उड़ते है दूसरे शब्दों में कहे तो महिलाओ के मुकाबले पुरुष ज्यादा गंजे मिलते है| किसी महिला को अगर गंजेपन की परेशानी हो जाती है तो वो अपने बालो का स्टायल बदलकर अपने सिर का गंजापन आसानी से छुपा सकती है| अधिकतर महिला या पुरुष गंजेपन की शुरुआत में ही अपनी मर्जी या किसी और की सलाह से दवाई, तेल इत्यादि को बाजार से खरीद कर इस्तेमाल करने लगते है, जिसकी वजह से उन्हें कई बार काफी परेशानियो का सामना भी करना पढ़ जाता है, लेकिन हम आपको सलाह देंगे की कभी भी कोई सी भी दवाई,क्रीम इत्यादि का इस्तेमाल अपने बालो पर बिना किसी अच्छे डॉक्टर की सलाह के नहीं करना चाहिए| शायद ही कोई इंसान हो जिसे गंजेपन की परेशानी पसंद हो सभी इंसान चाहते है की उनके सिर से बाल कभी ना उड़े, जिसके लिए वो काफी सजग भी रहते  है| | महिला या पुरुष दोनों के सिर के बालो में प्रदूषित हवा या प्रदूषित वातावरण काफी बुरा असर डाल सकते है| पहले के ज़माने में वातावरण इतना प्रदूषित नहीं होता था, जितना आज के ज़माने में हो गया है| मोटरसाइकल,कार,कारखाने,फैक्ट्री इत्यादि चीजे आज बहुत ज्यादा संख्या में हो गई है जिनसे निकलने वाला धुंआ वातावरण को प्रदूषित करता है और प्रदूषित वातावरण में बहुत सारे ऐसे भी तत्व भी मौजूद होते है, जो हमारे शरीर के साथ साथ हमारे सिर के बालो पर भी बहुत बुरा असर डालते है, जिसकी वजह से इंसान गांजा भी हो सकता है| चलिए सबसे पहले हम आपको बताते है की प्रदूषित वातावरण हमारे बालो को कितना और किस तरह नुक्सान पहचा सकते है –

1 – बालों की प्राकृतिक नमी खत्म – अक्सर जब भी हम घर से बाहर निकलते है तो प्रदूषित वातावरण का असर हमारे बालो के साथ बालो की जड़ो पर भी असर डालता है| घर से बाहर निकलने पर प्रदूषित वातावरण में मौजूद हानिकारक तत्व हमारे सिर के बालो की जड़ो में जमा हो जाते है, जिनकी वजह से हमारे सिर के बालो की नमी धीरे धीरे खत्म होने लगती है| बालो की जड़ो में नमी समाप्त होने के बाद जड़े कमजोर होने लगती है और बाल झड़ने शुरू हो जाते है, फिर कुछ समय बाद इंसान गंजा हो जाता है|

2 – बालों में रूसी दिखना – हम सभी जानते है की बालो में रुसी होने का प्रमुख कारण गन्दगी होता है| घर से बाहर निकलने पर प्रदूषित वातावरण में मौजूद गन्दगी, धूल, मिटटी इत्यादि हमारे सिर के बालो में जमा हो जाती है| जिसकी वजह से हमारे सिर में रुसी की समस्या देखने को मिलती है,रुसी हो जाने के कुछ समय बाद हमारे सिर के बालो की जड़े कमजोर हो जाती है और बाल झड़ने लगते है, जिसकी वजह से आप गंजे हो जाते है|

3 – बालों का रुखा और बेजान होना – प्रदूषित वातावरण की वजह से हमारे सिर के बाल रूखे और बेजान से होने लगते है| जब भी हम घर से बाहर जाते है तो प्रदूषित वातावरण में मौजूद धूल,मिटटी और हानिकारक तत्व इत्यादि हमारे सिर के बालो में जमा हो जाते है, इसलिए अगर हम बालो की उचित देखभाल ना करे तो धीरे धीरे बाल कमजोर होकर टूटने लगते है, जिसकी वजह से आप गंजे हो जाते है|

4 – बालों का झड़ना – प्रदूषित वातावरण के संपर्क में ज्यादा रहने से बाल कमजोर होने लगते है और झड़ने शुरू हो जाते है| बाल झड़ने को आप गंजेपन की शुरुआत भी कह सकते है|

उपरोक्त जानकारी से आप समझ गए होंगे की प्रदूषित वातावरण हमारे बालो पर कितना बुरा असर डालती है| इसीलिए हम सभी को प्रदूषित वातावरण से अपने सिर के बालो को बचाना चाहिए| जब भी कही बाहर जाएं कोशिश करें की अपने सिर को किसी कपडे, कैप, हेलमेट इत्यादि से ढक कर निकले ऐसा करने से आप अपने सिर के बालो को प्रदूषित वातावरण के संपर्क में आने से रोक सकते है| प्रदूषित वातावरण की वजह से हमे गंजेपन की परेशानी के साथ साथ शारीरिक परेशानी भी झेलनी पढ़ सकती है, प्रदूषित वातावरण की वजह से खांसी, इन्फेक्शन, सांस लेने में परेशानी इत्यादि कई सारी बीमारियां होने की सम्भावना प्रबल हो जाती है|

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