Ayurvedic Nuskhe – आयुर्वेदिक नुस्खे – Sehat doctor https://sehatdoctor.com Health Tips in Hindi Thu, 28 Oct 2021 20:27:38 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=5.8.1 https://i2.wp.com/sehatdoctor.com/wp-content/uploads/2020/01/cropped-Sehat-Doctor-Favicon-2.png?fit=32%2C32&ssl=1 Ayurvedic Nuskhe – आयुर्वेदिक नुस्खे – Sehat doctor https://sehatdoctor.com 32 32 171696487 राजीव दीक्षित के घरेलू नुस्खे और देसी आयुर्वेदिक उपचार इन हिंदी https://sehatdoctor.com/rajiv-dixit-ke-gharelu-nuskhe-desi-ilaj-ayurvedic/ https://sehatdoctor.com/rajiv-dixit-ke-gharelu-nuskhe-desi-ilaj-ayurvedic/#comments Wed, 27 Oct 2021 22:52:16 +0000 http://https://sehatdoctor.com/?p=1280 राजीव दीक्षित के नुस्खे इन हिंदी: जब बात देसी इलाज और आयुर्वेदिक नुस्खे की हो तब भाई राजीव दीक्षित जी का नाम जरूर लिया जाता है। इन्होंने हज़ारो साल पुराने ayurvedic treatment के बारे लोगों को जागरूक करने में अहम योगदान दिया है। 

राजीव जी ने बताया कैसे बिना दवा और डॉक्टर चिकित्सा के घरेलू नुस्खे और आयुर्वेदिक उपचार से घर पर ही रोगों का इलाज करे। शुगर, ब्लड प्रेशर, बवासीर, जोड़ों में दर्द, मोटापा और अन्य कई बिमारियों का ट्रीटमेंट और इनसे बचने के उपाय के लिए राजीव जी ने कई रामबाण नुस्खे बताये है। आइये जाने rajiv dixit ke gharelu nuskhe in hindi.

आजकल की भागदौड़ वाली ज़िन्दगी में लोग अपने खाने पीने का ध्यान नहीं रख पते हैं और कई बिमारियों का शिकार होते हैं। कई लोग तो बीमार होने पर एलोपैथिक मेडिसिन का प्रयोग करते हैं जिनके साइड इफेक्ट्स हो जाते हैं। आज हम इस लेख में राजीव दीक्षित के आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट के बारे में जानेंगे जो की बहुत ही उपयोगी होते हैं। 

घरेलू इलाज के अलावा राजीव दीक्षित जी ने स्वस्थ और सेहतमंद रहने के लिए कुछ ऐसे देसी तरीके भी बताये है जिनके निरंतर प्रयोग से आप हेल्दी और फिट रह सकते है।

भोजन करने का सही तरीका

अगर हम सही तरीके से और सही समय पर भोजन करे तो कई प्रकार के रोगों से बचा जा सकता है। इसका सबसे बड़ा फायदा ये है की शरीर का पाचन तंत्र दरुस्त रहता है और पेट के रोग नहीं होते।

  1. सुबह का नाश्ता पेट भर करे और खाने के बाद फलों का रस पिए।
  2. दोपहर का भोजन सुबह से थोड़ा हल्का ले और भोजन करने के बाद छाछ पिए।
  3. रात को देर से भोजन नहीं करना चाहिए। रात को खाना खाते ही सो जाने से खाना ठीक से पचता नहीं है। रात का खाना सोने से 2 – 3 घंटे पहले ही कर ले और खाना हल्का ही लेना चाहिए।

राजीव दीक्षित के नुस्खे और आयुर्वेदिक उपचार

Rajiv Dixit ke Gharelu Nuskhe in Hindi

  1. हाइट बढ़ाने के लिए हर रोज गेंहू के दाने के बराबर चूना दही में मिला कर खाए। दही ना हो तो दाल या पानी के साथ ले।
  2. सर्दी जुकाम और कफ की समस्या के घरेलु इलाज के लिए काली मिर्च, तुलसी और अदरक को शहद में मिलाकर दिन में 2 से 3 बार खाये। इस home remedy treatment से नाक का बहना भी रुक जाएगा।
  3. बाल झड़ने से रोकने के लिए नीम का पेस्ट बालों में लगाए फिर कुछ देर बाद धो ले। इस घरेलू नुस्खे से बाल झड़ना बंद हो जायेंगे।
  4. गले की खराश दूर करने के लिए अदरक के पेस्ट  में घी और गुड़ मिला कर खाये।
  5. राजीव दीक्षित बवासीर का इलाज के लिए मूली का रस पीने की सलाह देते है। 1 कप मूली का रस खाना खाने के बाद पीने से piles से राहत मिलती है। इस उपाय को सुबह या दोपहर को करे शाम को ना करे। बवासीर, भगंदर, फिशर सब में इस होम रेमेडी से आराम मिलता है।
  6. बार बार पेशाब आने की समस्या को रोकने के लिए सुबह शाम तिल और गुड़ से बना लड्डू खाये।
  7. हाई ब्लड प्रेशर के देसी इलाज के लिए कुछ दिन निरंतर आधा चम्मच मेथी दाना पाउडर पानी के साथ ले। इसके अलावा लौकी का रस और तुलसी का रस भी high blood pressure कम करने में लाभ करता है।
  8. दांत का दर्द दूर करने के लिए कच्चे प्याज के एक टुकड़े को 3 मिनट के लिए दांतों के बीच दबा कर रखे। इस उपाय से काफी आराम मिलेगा।
  9. किडनी में पथरी की समस्या हो तो 3 कच्ची भिंडी पतली और लम्बी काट कर 2 लीटर पानी में दाल दे और रात भर के लिए इसे ऐसे ही छोड़ दे। सुबह इसी पानी में भिंडी निचोड़ कर अलग कर ले और 2 घंटे के अंदर सारा पानी पी जाये। इस उपाय को निरंतर करने पर किडनी की पथरी से निजात मिलेगी।
  10. मुंह की बदबू के उपाय के लिए तुलसी के पत्ते चबाये। लौंग और इलायची से भी सांस की बदबू से छुटकारा मिलता है। शरीर से बदबू आती है तो गाजर का जूस रोजाना पीना चाहिए इससे तन की दुर्गंध दूर करने में मदद मिलती है।
  11. राजीव दीक्षित के नुस्खे , पान में खाने वाला चूना अनेकों रोगों के उपचार में रामबाण दवा का काम करता है। गेंहू के दाने के समान चूना दही, दाल या जूस के साथ ले। पीलिया, नपुंसकता, दिमाग तेज करने, पीरियड्स की समस्या, कमर दर्द, कंधे का दर्द, घुटनों और जोड़ों का दर्द जैसे अनेकों रोगों से छुटकारा पाने में चूना का सेवन उपयोगी है। पथरी के रोगी इस उपाय को ना करे।
  12. बच्चों को बुखार और सर्दी हो जाये तो 2 – 3 तुलसी के पत्ते और एक छोटा अदरक का टुकड़ा  ले और इनका रस निकाल कर एक चम्मच शहद के साथ दिन में दो से तीन बार दे।
  13. राजीव दीक्षित शुगर का इलाज घरेलू तरीके से करने के लिए करेले को असरदार बताते है। मधुमेह के रोगी को करेले का जूस हर रोज पीना चाहिए। भोजन में भी करेले की सब्जी खाने से भी डायबिटीज कंट्रोल में रखने में मदद मिलती है।
  14. मोटापा और वजन कम करने के लिए जीरा काफी असरदार है। एक चम्मच जीरा रात को एक गिलास पानी में भिगो कर रखे और सुबह उसे उबालकर चाय की तरह पिए और बचा हुआ जीरा चबा कर खाए। निरंतर इस gharelu upay को करने से पेट की चर्बी कम होने लगती है।
  15. सिर दर्द के उपचार के लिए दालचीनी को पानी में पीस का पेस्ट बना ले और इसे माथे पर लगा कर छोड़ दे। सिर का दर्द दूर करने में ये ट्रीटमेंट दवा से बेहतर काम करता है।

अच्छी सेहत पाने के लिए राजीव दीक्षित के उपाय

  • घर में इस्तेमाल होने वाले सफ़ेद नमक की जगह काला नमक, सेंधा नमक या डेले वाला नमक प्रयोग करना चाहिए।
  • भोजन हमेशा जमीन पर चौकड़ी मारकर करे। कुर्सी पर बैठ कर और खड़े हो कर भोजन नहीं करना चाहिए।
  • राजीव दीक्षित के नुस्खे के अनुसार अगर 24 घंटे में 1 बार खाना खाये तो ये सही तरीके से पचता है और पाचन शक्ति भी कम नहीं होती  पर हमारी जीवनशैली के मुताबिक 2 बार भोजन जरूर करे।
  • एल्युमिनियम के बर्तन में खाना पकाने की बजाय मिट्टी के बर्तन प्रयोग करें। एल्युमिनियम के बर्तन इस्तेमाल करने से टी बी, वात रोग, अस्थमा और sugar जैसे रोग होने का खतरा अधिक होता है।
  • जब भी रोटी बनानी हो ताजा आटा गुंथे, कभी भी आटा गूँथ कर फ्रीज़ में न रखे। इसके इलावा 15 दिन से ज्यादा पुराने आटे के पोषक तत्व ख़तम हो जाते है इसलिए महीने भर का आटा एक साथ ना पिसवायें।
  • राजीव दीक्षित के नुस्खे : आयुर्वेद के अनुसार चीनी एक तरह का सफ़ेद जहर है। चीनी की जगह गुड़ का सेवन करना उत्तम उपाय है। भोजन के बाद एक छोटी गुड़ की डली खाने से शरीर का पाचन अच्छा रहता है।
  • रिफाइंड ऑयल के सेवन से ब्लड प्रेशर, हृदय और कैंसर के रोग में वृद्धि हुई है। खाना पकाने के लिए कच्ची घानी का तेल ही प्रयोग में लाये।
  • धूम्रपान, शराब और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से परहेज करें। तंबाकू की जगह चूना खाए। चूना शरीर के लिए अमृत समान है।

पानी पीने के लिए जरुरी टिप्स

  • पानी हमेशा बैठ कर और घूंट घूंट कर के पिए। खड़े हो कर पानी पिने से जोड़ों और घुटनों में दर्द होने का खतरा अधिक होता है।
  • सुबह उठने के बाद सबसे पहले 1 गिलास पानी पिए। ब्रश भी पानी पीने के बाद ही करें।
  • बाहर से घर आने पर सांस तेज होती है और शरीर भी गर्म होता है इसलिए ऐसी स्थिति में पानी नहीं पीना चाहिए। थोड़ी देर रुक कर शरीर का तापमान नार्मल होने पर पानी पिए।
  • खाना खाने के एक घंटे पहले पानी पिए इससे भोजन के दौरान प्यास नहीं लगेगी।
  • पथरी, किडनी के रोगों और motape से बचने के लिए दिन में 3 से 4 लीटर पानी पिए।
  • भोजन करते समय और भोजन के बाद पानी नहीं पीना चाहिए। खाना खाने के एक घंटे बाद ही पानी पिए।
  • फ्रीज़ का ठंडा पानी पिने की बजाय हल्का गर्म पानी पिने की आदत बनाये इससे मोटापा कम करने में भी मदद मिलेगी और कब्ज़ जैसे रोग से भी बचे रहेंगे।

ख़राब पेट का इलाज के नुस्खे इन हिंदी

  • दस्त लगे हो और बार बार टॉयलेट जाना पड़ता है तो इसके इलाज के लिए राजीव दीक्षित जी जीरा का रामबाण दवा बताते है। दस्त ठीक करने के लिए आधा चम्मच चबा कर खाए और ऊपर से गुनगुना पानी पिए loose motion बंद हो जायेंगे।
  • पेट की गैस और पेट का अफारा ठीक करने के लिए काला नमक और अजवाइन बराबर मात्रा में मिला कर गर्म पानी के साथ ले।
  • पतले दस्त हो रहे है और हर 5 मिनट में टॉयलेट जा रहे हो तो आधे कप कच्चे दूध में निम्बू निचोड़ कर तुरंत पी जाये।
  • Kabz ayurvedic treatment in hindi, ठीक से पेट साफ़ ना होता हो तो अजवाइन इसकी सबसे अच्छी दवा है। कब्ज़ का घरेलू इलाज करने के लिए अजवाइन को गुड़ के साथ चबा कर खाए और ऊपर से गरम पानी पिए। रात को सोने से पहले इस उपाय को करे सुबह आपका पेट साफ़ हो जायेगा।
  • पेट साफ़ करने के लिए त्रिफला चूर्ण भी काफी उपयोगी बताया गया है। रात को सोने से पूर्व 1 चम्मच त्रिफला चूर्ण पानी के साथ ले।

दोस्तों राजीव दीक्षित के नुस्खे आयुर्वेदिक उपचार, Rajiv Dixit ke Gharelu Nuskhe in Hindi का ये लेख आपको कैसा लगा हमें बताये और अगर आपके पास किसी रोग का उपाय के लिए राजीव दीक्षित आयुर्वेद ट्रीटमेंट और देसी इलाज है तो हमें लिखें।

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पेट दर्द जल्दी ठीक करने की अंग्रेजी व देसी दवा का नाम (Pet dard ki dawa) https://sehatdoctor.com/pet-dard-ki-dawa-patanjali-ayurvedic-tips/ https://sehatdoctor.com/pet-dard-ki-dawa-patanjali-ayurvedic-tips/#comments Wed, 27 Oct 2021 22:52:16 +0000 http://https://sehatdoctor.com/?p=1488 Pet dard ki dawa ka naam in hindi : पेट दर्द इतना आम है कि हर कोई उन्हें एक बिंदु या किसी अन्य पर अनुभव करता है। ऐसे दर्जनों कारण हैं जिससे आपको पेट में दर्द हो सकता है।काम की नई संस्कृति ने हमारी दिनचर्या को किसी तरह बिगाड़ दिया। यह उन कारणों में से एक है जो हम में से अधिकांश पेट की समस्या का दैनिक आधार पर सामना कर रहे हैं।पेट दर्द की दवा और घरेलु तरीके से आप पेट के दर्द को कम सकते हैं 

शरीर की चरम आंतरिक समस्याओं को पेट से जुड़ा माना जाता है, क्योंकि पेट भोजन को स्वीकार करता है और ऊर्जा के प्रवाह में योगदान देता है। अक्सर देखा गया है कि गलत खानपान के कारण पेट कई परेशानियों से घिरा रहता है, जिसमें पेट दर्द भी शामिल है

दोस्तों सिर दर्द ठीक करने के लिए हम घर पर तुरंत अंग्रेजी दवा ले लेते है क्यूंकि हमें मेडिसिन नाम मालूम होता है पर जब कभी पेट में दर्द गैस मरोड़ या कोई अन्य समस्या होती है तो अधिकतर लोगों को पेट दर्द की दवा की tablet का नाम ही नहीं पता होता। देखा जाये तो इसका एक फायदा ही है क्योंकि फिर हम देशी दवा व उपाय से उपचार करते है, जिससे बिना किसी नुकसान के दर्द से जल्दी राहत मिल जाती है।

अगर आपको पेट दर्द होता है, तो आपका काम में मन नहीं लगता है, लेकिन जैसा कि हमने अभी बात की है, हम पेट दर्द जैसी सामान्य समस्या के लिए नहीं रुक सकते। पेट दर्द के लिए आप बाहर से दवा ले सकते हैं, लेकिन अगर आपको पेट में दर्द गैस की वजह से है तो बेहतर है कि हम घरेलू उपचारों की मदद लें। वास्तव में घरेलू दवाएं न केवल आपके पेट के दर्द को ठीक करती हैं, बल्कि आपके पेट को भी साफ करती हैं।

आज इस लेख में हम पेट दर्द की दवा, बाबा रामदेव आयुर्वेदिक दवा पतंजलि व घरेलू नुस्खे के बारे में जानेंगे,  baba ramdev gharelu nuskhe and ayurvedic medicine patanjali for stomach pain treatment in hindi.

बहुत से लोगों की एक आदत होती है कोई भी परेशानी हो या कहीं दर्द हो रहा हो तो झट से दर्द दूर करने की टेबलेट ले लेते है। बात बात पर गोली खाने से शरीर को नुकसान होता है। इसलिए दर्द चाहे पेट के ऊपरी हिस्से में हो, निचले हिस्से में या नाभि के पास हो बिना डॉक्टर की सलाह के दवाई न ले और साथ ही जितना हो सके रोगों के इलाज के लिए अंग्रेजी मेडिसिन लेने की बजाय आयुर्वेदिक तरीके अपनाएं, इससे शरीर को नुकसान नहीं पहुँचता।

पेट दर्द होने के कारण – Causes of Stomach Pain

पेट में कीड़े होना, अमाशय में अमल का ज्यादा बनना, जिगर का बढ़ना और पेट में बैक्टीरिया का फैलाव कुछ ऐसे कारण है जिनसे पेट में दर्द होने की शिकायत होती है। पेट दर्द के कुछ लक्षण निचे बताये गए है।

  • नाभि के ऊपर दर्द महसूस होने का कारण पेट में गैस बनना।
  • किडनी की समस्या होने पर नाभि की दाई तरफ दर्द होना है।
  • जिगर की तकलीफ होने से ऊपरी हिस्से और दाईं तरफ दर्द होता है।
  • आंतों में कीड़े पड़ना नाभि में दर्द होने का कारण है।

पेट दर्द की दवा का नाम और घरेलू इलाज

Pet Dard ki Dawa Gharelu Upay in Hindi

पेट दर्द जल्दी दूर करने के लिए पहले हमने देसी घरेलू नुस्खे, आयुर्वेदिक उपचार और योग से इलाज के तरीके जाने है। आज हम पेट के दर्द का इलाज की अंग्रेजी और देशी दवा के नाम के बारे में जानेंगे और साथ ही बाबा रामदेव के रामबाण नुस्खे भी पढ़ेंगे, pet dard ka gharelu upay aur dawa in hindi.

  1. पेट दर्द की अंग्रेजी दवा – Allopathic Medicine Name
  • पेट में दर्द हो रहा हो या दस्त लगे हो अगर इसके इलाज के लिए आप एलोपैथी दवाई लेना चाहते है तो Spasmonil tablet का प्रयोग कर सकते है जो दर्द कम करने का काम करती है।
  • पेट की समस्या दूर करने के इलावा ये अंग्रेजी दवा, कान दर्द, दांतों का दर्द और जोड़ों के दर्द से आराम पाने में भी दी जाती है।
  • इस टेबलेट के साइड इफेक्ट्स में उल्टी आना, सांस फूलना, त्वचा पर लाल दाने निकलना और खारिश होना आता है। ये side effects सब को नहीं होते बस कुछ लोगों को होता है। अगर गोली लेने के बाद आपको इनमें से कोई भी लक्षण दिखे तो इसका सेवन ना करे।
  • इस दवा का सेवन करते समय शराब का सेवन न करे और इसे बच्चों की पहुँच से भी दूर रखे।
  • इस मेडिसिन का नाम सिर्फ आपकी जानकारी के लिए बताया गया है इसे लेने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य ले।
  • कभी कभी पेट दर्द किसी गंभीर रोग के कारण भी हो सकता है। लगातार पेट में तेज दर्द होने पर चिकित्सक से मिले और जाँच कराये।
  1. पेट दर्द की आयुर्वेदिक दवा पतंजलि – Ayurvedic Medicine Patanjali
  • पेट दर्द की आयुर्वेदिक दवा पतंजलि, अंग्रेजी मेडिसिन खाने से एक बार तो परेशानी कम हो जाती है पर ये रोग के कारणों को दूर नहीं करती। आयुर्वेदिक तरीके से इलाज करने पर समस्या का उपचार जड़ से किया जा सकता है। निचे हम कुछ पेट की आयुर्वेदिक दवाओं के नाम बता रहे है, इनके सेवन से पहले इन्हें लेने का सही तरीका जरुर जाने।
  1. अमृतधारा आयुर्वेदिक मेडिसिन
  2. पतंजलि त्रिफला चूर्ण
  3. दिव्य उदरकल्प चूर्ण
  4. दिव्य गैसहर चूर्ण
  5. पतंजलि दिव्य चूर्ण पाउडर

पेट दर्द का इलाज बाबा रामदेव – Baba Ramdev ke Nuskhe in Hindi

  1. पेट के रोगों से बचने और इसके उपचार में पेट दर्द की दवा लेने के अलावा पानी जादा मात्रा में पीना चाहिए। शरीर में पानी पर्याप्त मात्रा में हो तो पेट की सफाई होती रहती है जिससे विषैले पदार्थ बाहर निकलते रहते है। पेट दर्द की समस्या का समाधान भी पानी है।
  2. Pet dard ka ilaj baba ramdev in hindi, गौ मूत्र पेट की समस्यओं को दूर करने और रोकथाम के लिए एक कारगर देशी दवा है। पेट में मरोड़, बदहजमी, कब्ज, गैस और दर्द दूर करने के लिए नियमित रूप से गौ मूत्र का सेवन करे।
  3. अमृत धारा की 4 बूंदे पताशे में डाल कर खाने से दर्द जल्दी ठीक होता है। ये आप पंसारी या पतंजलि स्टोर से ले सकते है।
  4. अजवाइन कई प्रकार की stomach problems में सबसे आसान और जल्दी किया जाने वाला घरेलू ट्रीटमेंट है। पेट दर्द से छुटकारा पाने के लिए अजवाइन चूर्ण खाएं और ऊपर से गर्म पानी पिए।
  5. अश्वगंधा चूर्ण 3 ग्राम ले और गुनगुने पानी के साथ इसका सेवन करने से पेट का दर्द दूर होने लगता है। पतंजलि त्रिफला चूर्ण भी पेट दर्द दूर करने का एक कारगर आयुर्वेदिक उपचार है।
  6. पेट दर्द की दवा बाबा रामदेव में मेथी के दाने रामबाण का काम करते है। उन्हें हल्का भून कर पीस ले और पाउडर बना ले। जब कभी पेट में दर्द हो इसका सेवन गुनगुने पानी के साथ करें। इस नुस्खे से पेट दर्द तुरंत कम होने लगेगा।
  7. हींग 2 ग्राम, काला नमक 3 ग्राम, अजवायन 10 ग्राम और हींग 2 ग्राम ले और सब को पीस कर चूर्ण बना ले। इस desi dawa का 1/2 चम्मच गुनगुने पानी के साथ ले।
  8. एसिडिटी, कब्ज और पेट दर्द से बचने के लिए प्रतिदिन खाना खाने के बाद सौंफ में मिश्री मिलाकर खाना चाहिए। सौंफ का पानी पिने से पेट के दर्द में राहत मिलती है।
  9. पेट का दर्द तुरंत दूर करने के लिए थोड़ी से अजवाइन, चुटकी भर हिंग और दो चुटकी काली मिर्च मिला कर पीस ले और अपना पेट दर्द निवारक चूर्ण बना ले। अब इस चूरण को अदरक के रस के साथ मिलाये और शहद के साथ चाटे। इस होम रेमेडीज को करने के कुछ ही देर में दर्द से राहत मिलने लगेगी।
  10. नाभि पर अदरक का रस लगा कर हल्की मालिश से पेट दर्द में आराम मिलता है।

बच्चों के पेट दर्द का घरेलू उपचार

  1. बच्चों के पेट में दर्द की शिकायत होना आम है और इसका एक कारण पेट में कीड़े होना और ख़राब पाचन भी हो सकता है। अगर भोजन करते समय बच्चा बार बार पानी पिए तो उसे ऐसा करने से रोके। इससे अपचन की समस्या होती है जिससे खाना ठीक से नहीं पच पाता। बच्चे को खाने के बाद 2 – 3 घूंट पानी को दे फिर 45 मिनट बाद ही पानी पिलाये।
  2. चावल का पानी पिने से भी दर्द में जल्दी रहत मिलती है। Stomach pain relief के लिए ये उपाय बड़ों और बच्चों में किसी भी उम्र का व्यक्ति कर सकता है।
  3. कब्ज के कारण अगर बच्चे के पेट में दर्द हो रहा है तो गूढ़ और अजमा दोनों को मिला कर बच्चे को खिलाये दर्द जल्दी दूर होगा।
  4. आधा कप पानी गुनगुना करे और इसमें थोड़ा शहद मिला कर बच्चे को पिलाये। ये घरेलू उपाय बच्चों के पेट दर्द की दवाई की तरह काम करता है।
  5. गैस के कारण अगर बच्चे के पेट में दर्द हो रहा हो तो बच्चे को पेट के बल लेटा ले और पीठ थप थपाये फिर सीधा करके पेट पर तेल की मालिश करें।

पेट दर्द में क्या खाये और क्या न खाये

  • सुबह खाली पेट आधे से एक लीटर पानी पिए और इसके 45 मिनट के बाद ही कुछ खाए।
  • दही खाना पेट के रोगों में उत्तम उपाय है। दही से हमारे शरीर में अच्छे बैक्टीरिया जाते है साथ ही इससे पेट में ठंडक बनी रहती है।
  • छाछ पीना भी उतना ही लाभदायक है जितना की दही खाना। अगर दही ना मिले तो छाछ पिए।
  • मूंग की खिचड़ी, मूंग दाल, दलिया व मूली खाए।
  • पेट से संबंधित कोई भी समस्या हो रोगी को हमेशा हल्का आहार ही लेना चाहिए। ऐसी स्थिति में पाचन तंत्र कमजोर होता है, इसलिए भारी भोजन ठीक से पचता नहीं है जिससे समस्या और बढ़ सकती है।
  • जादा मिर्च मसालेदार व तला हुआ खाने से परहेज करें।
  • धूम्रपान, तंबाकू और शराब के सेवन से दूर रहे।
  • पेट साफ़ करने के उपाय
  • दादी माँ के घरेलु नुस्खे
  • बाबा रामदेव आयुर्वेदिक उपचार
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चिकनगुनिया बुखार और जोडों के दर्द का रामबाण इलाज https://sehatdoctor.com/chikungunya-jodo-ke-dard-ka-ilaj-gharelu-upay/ https://sehatdoctor.com/chikungunya-jodo-ke-dard-ka-ilaj-gharelu-upay/#respond Wed, 27 Oct 2021 22:52:16 +0000 http://https://sehatdoctor.com/?p=1556 चिकनगुनिया जोड़ों के दर्द का घरेलू उपचार इन हिंदी: बुखार होने पर बदन दर्द और सिर में दर्द होना आम है पर चिकनगुनिया बुखार में जोड़ों का दर्द, हाथों पैरों व उंगलियों में दर्द होने के साथ तेज बुखार आना इसके प्रमुख लक्षण है। चिकनगुनिया के इलाज के बाद fever तो ठीक हो जाता है पर जोड़ों का दर्द से जल्दी छुटकारा नहीं मिलता। कुछ लोग चिकनगुनिया के बाद दर्द का इलाज की दवा लेते है और तुरंत दर्द दूर करने के लिए कई तरीके के तेल भी प्रयोग करते है।

आम तौर पर एलोपैथी में चिकनगुनिया का इलाज बुखार में प्रयोग की जाने वाली दवाइयों से किया जाता है जो कि खास असरदार साबित नहीं होती। बल्कि ये दवाईयां काफी हद तक नुकसानदेह भी साबित होती है। कई बार इन दवाओं से मुंह और गले में छाले हो जाते हैं और पेट में अल्सर होने की संभावना भी बढ़ जाती है। इन दुष्प्रभावों से बचने के लिए जरूरी है, प्राकृतिक उपचार।

आप चिकनगुनिया के दौरान जोड़ों के दर्द को दूर करने के उपाय और देसी घरेलू नुस्खे से इस रोग से राहत पा सकते है। आइये जाने चिकनगुनिया के दर्द का उपचार कैसे करे, natural ayurvedic home remedies for chikungunya joint pain treatment in hindi.

चिकनगुन्या के साथ आप हाथ, कलाई, टखनों, और बड़े जोड़ों में गठिया अनुभव करेंगे । दर्द आम तौर पर सुबह में ज्यादा रहता है, लेकिन हल्के व्यायाम के साथ कम हो जाता है । आप जोड़ों में सूजन भी अनुभव कर सकते हैं|चमड़ी पर लाल रैश: चिकनगुन्या में 40-50 प्रतिशत मरीज चमड़ी पर लाली अनुभव करते हैं। यह लाल चकत्ते बुखार आने के तीन से पांच दिनों के पश्चात दिखाई देते हैं और आने के बाद तीन से चार दिनों के भीतर कम हो जाते हैं।

इस रोग से पूरी तरह ठीक होने में रोगी को कुछ हफ्ते से लेकर महीने तक लगते है क्यूंकि ये हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर निर्भर करता है। अगर सही तरीके से इलाज व देखभाल करे तो 2 से 3 हफ़्तों में हफ्ते मे चिकनगुनिया के बुखार और दर्द से छुटकारा पाया जा सकता है।

चिकनगुनिया के लक्षण और इलाज : Chikungunya Symptoms

  • जोड़ों में दर्द करना और तेज बुखार होना इस रोग के पहले लक्षण है। इस बीमारी में बुखार 1 से लेकर 3 हफ़्तों तक रह सकता है।
  • हाथ, चेहरे और जांघों पर चकत्ते पड़ना भी इस बीमारी के लक्षण है। इसके अलावा चक्कर आना, उल्टी होना और सिर दर्द करना भी इसके सिम्प्टम्स है।
  • चिकनगुनिया के होम्योपैथिक उपचार के लिए Eupatperf 200 नाम की एक होम्योपैथिक दवा आती है। ये मेडिसिन चिकनगुनिया के लक्षण कम करती है।
  • इस बीमारी को जल्दी ठीक करने के लिए जितना हो आराम करना चाहिए।
  • मिर्च मसालेदार व ज्यादा तला हुआ खाने से परहेज करें।
  • इस बीमारी के treatment के लिए अभी तक ऐसी कोई अंग्रेजी दवा नहीं है जिससे तुरंत आराम मिल सके और चिकनगुनिया वायरस खत्म हो जाये। इसलिए खुद से मेडिसिन लेने से बचे व चिकित्सक द्वारा बताई हुई दवा ही खाये।

चिकनगुनिया जोड़ों के दर्द का घरेलू उपचार व इलाज

Chikungunya Jodo ke Dard ka ilaj in Hindi

  1. जोड़ों में दर्द के लिए उपचार चिकनगुनिया में अंगूर के सेवन से फायदा  मिलता है। गाय का दूध हल्का गुनगुना करें और इसके साथ अंगूर खाये। इस घरेलू नुस्खे से चिकनगुनिया वायरस खत्म करने में मदद मिलती है बस एक बात का ध्यान रहे की अंगूर बिना बीज वाले ही हो।
  2. मालिश करने से भी दर्द से आराम मिलता है। हाथों पर व पैरों के तलवों पर हल्की हल्की मालिश करने पर दर्द दूर होने लगता है।
  3. चिकनगुनिया के बाद जोड़ों का दर्द का इलाज करने में लहसुन के सेवन से काफी राहत मिलती है। लहसुन शरीर की रोगों से लड़ने की शक्ति को बढ़ाता है और साथ ही दर्द से छुटकारा पाने में भी उपयोगी है। इस रोग में प्रतिदिन खाली पेट लहसुन की 2 से 3 कलियाँ खाना चाहिए।
  4. दर्द से छुटकारा पाने के लिए आहार में शिमला मिर्च शामिल करें।
  5. जोड़ों पर आइस पैक लगाने से सूजन और दर्द कम होने लगता है। एक कपड़े या फिर तोलिये में बर्फ के टुकड़े लपेट ले और सूजन वाली जगह पे लगाए।
  6. चिकनगुनिया के दर्द का तेल gharelu upchar कर के भी बना सकते है। लहसुन के पेस्ट में लौंग का तेल मिला कर एक कपड़े की सहायता से दर्द वाले हिस्से पर बाँध दे। इस होम रेमेडीज को करने से बुखार और दर्द दोनों में आराम मिलता है।
  7. हल्दी इस बीमारी के लक्षणों को दूर करने में बेहद उपयोगी है।
  8. लहसुन की तरह अदरक भी joints pain और सूजन से राहत पाने में फायदेमंद है।
  9. चिकनगुनिया जोड़ों के दर्द के उपाय में गाजर के सेवन से भी फायदा मिलता है। गाजर खाने से शरीर में इस बीमारी के वायरस का असर कम करने की ताकत बढ़ती है और दर्द ठीक होने लगता है।
  10. चिकनगुनिया जोड़ों के दर्द दूर करने के उपाय में हल्की फुल्की एक्सरसाइज व स्ट्रेचिंग करने से भी राहत मिलती है बस ज्यादा वजन उठाने से बचे रहे।

चिकनगुनिया के बुखार का इलाज इन हिंदी

  1. चिकनगुनिया जोड़ों के दर्द के उपचार में गिलोय एक आयुर्वेदिक दवा की तरह है। गिलोय का काढ़ा, गोली या चूर्ण के सेवन से चिकनगुनिया और डेंगू जैसे गंभीर रोगों को ठीक किया जा सकता है। गिलोय की गोली व चूर्ण आप baba ramdev पतंजलि स्टोर से ले सकते है।
  2. चिकनगुनिया बुखार के लक्षण दूर करने में पपीते के पत्ते का रस काफी असरदार है। बुखार होने पर शरीर में ब्लड प्लेटलेट्स की संख्या तेज़ी से कम होने लगती है। पपीते के पत्तों का रस प्लेटलेट्स बढ़ाने मे काफी मददगार है। इस रामबाण इलाज को करने के लिए पपीते के पत्तों का रस निकाल कर दिन भर में कम से कम 3 बार पिए।
  3. अजवाइन व तुलसी चिकनगुनिया के इलाज का घरेलू उपाय है। इस उपाय को करने के लिए तुलसी, अजवाइन, किशमिश व नीम के सूखे पत्तों को उबालकर बिना छाने दिन में 2 से 3 बार पीना है।

चिकनगुनिया के दर्द की दवा : Chikungunya ki Dawa

  • चिकनगुनिया जोड़ों के दर्द को दूर करने के के लिए रोगी को पेरासिटामोल टैबलेट व शरीर में ताक़त बढ़ाने के लिए विटामिन की गोली लेने की सलाह दी जाती है पर बिना डॉक्टर से सलाह लिए कोई भी medicine लेने से बचना चाहिए।
  • शुगर और दिल के मरीज को अगर चिकुनगुनया बुखार व जोड़ों के दर्द की शिकायत हो तो वह कभी भी खुद से चिकनगुनिया दवा ना ले। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से मिल कर ट्रीटमेंट के बारे में जाने।
  • जाने चिकनगुनिया का उपचार और उपाय

चिकनगुनिया में क्या खाना चाहिए

  • ताजी सब्जियों का सूप और नारियल पानी पिए। इस बीमारी के दौरान रोगी के शरीर में काफी कमजोरी आने लगती है और साथ ही पानी की कमी भी होने लगती है। इसलिए अपने आहार में तरल चीजों का अधिक सेवन करें जिससे कमजोरी दूर होगी और ताकत आएगी।
  • पत्तेदार साग में विटामिन ए और आयरन अधिक होता है जिससे शरीर को दर्द से लड़ने में काफी मदद मिलती है। चिकनगुनिया ठीक होने के बाद दर्द का इलाज करना है तो अपने आहार में साग जरूर खाएं।
  • एलोवेरा, गिलोय, पपीता, अनार, गेंहू के जवारे इन सब को मिला के जूस बनाये और दिन भर में 2 से 3 बार रोगी को पिलाएं। इस आयुर्वेदिक उपचार से डेंगू और चिकनगुनिया के मरीज को तेजी से आराम मिलेगा।
  • अपनी diet मे ऐसे फल भी खाए जिनमें विटामिन सी पर्याप्त मात्रा में हो, ऐसा करने से बॉडी डिटॉक्स करने में मदद मिलेगी।
  • दादी माँ के घरेलु नुस्खे
  • बाबा रामदेव आयुर्वेदिक उपचार

दोस्तों चिकनगुनिया जोड़ों के दर्द का घरेलू उपचार, Chikungunya Jodo ke Dard ka ilaj upchar in Hindi का ये लेख कैसा लगा हमें बताये और अगर आपके पास डेंगू, चिकनगुनिया के बुखार और जोड़ों में दर्द का इलाज के उपाय व घरेलू नुस्खे है तो हमारे साथ साझा करे।

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बाबा रामदेव पतंजलि की दवाईयां आयुर्वेदिक उपचार और ब्यूटी प्रोडक्ट https://sehatdoctor.com/baba-ramdev-patanjali-ki-dawa-desi-upay/ https://sehatdoctor.com/baba-ramdev-patanjali-ki-dawa-desi-upay/#comments Wed, 27 Oct 2021 22:52:16 +0000 http://https://sehatdoctor.com/?p=1574 बाबा रामदेव पतंजलि की दवा (मेडिसिन) इन हिंदी: बाबाराम देव के घरेलू उपचार और पतंजलि के प्रोडक्ट पर सभी लोग बहुत ज्यादा विश्वास करते क्योंकि दोनों ही बहुत ज्यादा लाभदायक होते है| जब भी हमें कोई रोग होता है या शरीर में कहीं दर्द कर रहा हो हम ज्यादातर अंग्रेजी दवाईयां लेते है पर हम बिना दवा के देसी घरेलू नुस्खे अपना कर घर पर आसान तरीके से इलाज कर सकते है। फिर भी अगर दवाएं लेनी ही है तो आयुर्वेदिक मेडिसिन लेना ज्यादा अच्छा है, इससे रोगों को जड़ से ख़तम किया जा सकता है। शुगर, यूरिक एसिड, कोलेस्ट्रॉल, लिवर, पथरी, ब्लड प्रेशर, कब्ज, एसिडिटी, बवासीर, दाद, खुजली, जोड़ों का दर्द, पेट में गैस, वजन बढ़ाना, मोटापा कम करना, स्किन पिंपल्स और बाल झड़ना, समस्या कोई भी हो आयुर्वेदिक उपचार और पतंजलि दवा से ट्रीटमेंट किया जा सकता है। 

जब कोई शरीर संतुलन में काम करता है, तो यह पूरे शरीर में फैल जाता है। स्वास्थ्य केवल बीमारी का अभाव नहीं है। यह जीवन की गतिशील अभिव्यक्ति है। आयुर्वेद, संतुलन को बढ़ावा देकर इस तरह की अभिव्यक्ति को संभव बनाता है।

चिकित्सक आम तौर पर शरीर को शुद्ध करने, बीमारी से बचाव को बढ़ावा देने और दिमाग, शरीर और आत्मा को संतुलन में रखने के लिए आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों का उपयोग करते हैं |आयुर्वेदिक चिकित्सा का मूल सिद्धांत बीमारी को रोकने और उसका इलाज करना है।  अपने शरीर, मन और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखकर।

आज इस लेख मे हम बाबा रामदेव पतंजलि की दवा, पतंजलि मेडिसिन लिस्ट, आयुर्वेद के उत्पाद और ब्यूटी प्रोडक्ट्स के नाम जानेंगे, baba ramdev patanjali beauty products list and patanjali ayurvedic medicines in hindi language.

आयुर्वेदिक इलाज में सबसे पहला नाम आता है स्वामी बाबा रामदेव की पतंजलि दवाईयां और आचार्य बालकृष्ण। पुराने ज़माने में हमारे नाना नानी व दादा दादी घर पर ही नुस्खे कर के अपनी बीमारी ठीक कर लेते थे पर अब लोग इलाज के लिए अंग्रेजी दवाएं ही ज़्यादा लेते है। अच्छी सेहत पाने व स्वस्थ रहने के लिए भी आयुर्वेद में कई उपाय बताये गए है जो करने में भी आसान होते है।

बाबा रामदेव पतंजलि की दवा , नाम और उपचार

Baba Ramdev Patanjali Ayurvedic Medicine in Hindi

पतंजलि आयुर्वेद दवा के नाम व बाबा रामदेव के घरेलू नुस्खे जो यहां बताए जा रहे है वे आप की जानकारी के लिए है। किसी भी मेडिसिन और पतंजलि products के इस्तेमाल से पूर्व उन्हें लेने का सही तरीका और मात्रा के बारे में अवश्य जाने व डॉक्टर या आयुर्वेद के चिकित्सक की सलाह ले कर ही उन्हें शुरू करें।

  1. पेट में गैस एसिडिटी कब्ज बवासीर की पतंजलि दवाइयां
  • पेट में गैस की दवा Divya Gashar Churna.
  • पतंजलि बवासीर की दवा Divya Arshkalp Vati.
  • भूख बढ़ाने की आयुर्वेदिक मेडिसिन Shunthi Churna.
  • पेट दर्द दूर करने की आयुर्वेदिक दवा Divya Udarkalp Churna.
  • कब्ज की दवा पतंजलि  Divya Triphala Churna, Isabgol Bhusi.
  • एसिडिटी और पेट में जलन की मेडिसिन Divya Avipattikar Churna.
  • हाजमा ठीक करने और पाचन शक्ति बढ़ाने की दवाएं Divya Udaramrita Vati, Amla Churan.
  1. पतंजलि वजन कम करने की दवा

मोटापा कम करने की दवा पतंजलि में दिव्य मेदोहर वटी का नाम सबसे पहला है। इसके अलावा patanjali product for weight loss में कुछ और भी दवाएं है जो तेजी से मोटापा घटाने में मदद करती है।

  1. पुरुषों के रोगों इलाज की बाबा रामदेव पतंजलि मेडिसिन
  • नपुंसकता, स्वपनदोष व शीघ्रपतन का इलाज और स्पर्म की संख्या बढ़ाने का आयुर्वेदिक उपचार Patanjali Musli Pak.
  • यौन शक्ति और मर्दाना ताकत बढ़ाने के लिए पतंजलि की दवाएं Shilajeet Rasayan, Shilajeet Capsule, Shilajeet Sat.
  • पेशाब का रोग ठीक करने और कमजोरी दूर करने के लिए दवा Gokhru.
  • शारीरिक कमजोरी दूर करने की दवा Ashwashila Capsule. ये दवा शिलाजीत और अश्वगंधा से बानी है।
  • पुरुषों के गुप्त रोगों का इलाज के लिए patanjali ki dawa Divya Youvnamrit Vati.
  1. महिलाओं के लिए पतंजलि आयुर्वेद दवा लिस्ट
  • अनियमित माहवारी की आयुर्वेदिक दवाईयां Divya Kaharava Pishti, Divya Raj Pravartini Vati.
  • पीरियड्स के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग रोकने व दर्द कम करने की दवा Stri Rasayan Vati.
  • बच्चा पैदा होने के लिए पतंजलि दवा Phal Ghrit.
  • लिकोरिया का इलाज Pushyanug Churna.
  1. पतंजलि प्रोडक्ट्स लिस्ट फॉर Weight Gain
  1. पतंजलि प्रोडक्ट्स लिस्ट फॉर स्किन इन हिंदी
  • Patanjali Aloe Vera Gel
  • Divya Kanti Lep
  • Body Cleanser Soap
  • Patanjali Tejus Body Lotion
  • Divya Gulab Jal
  • Rose Body Cleanser
  • Patanjali Apricot Face Scrub
  • Saundarya Swarn Kanti Fairness Cream
  • Patanjali Tejus Anti Wrinkle Cream
  • Patanjali Kanti Aloe Vera Body Cleanser
  • Neem Aloevera With Cucumber Face Pack
  • Kanti Lep Face Pack
  • Haldi Chandan Body Cleanser
  • Neem Tulsi Face Wash
  • Face Pack Multani Mitti
  • Saundarya Face Wash
  • Patanjali Anti Aging Cream
  • Aloe Vera Mint Face Wash
  • जाने चेहरा गोरा करने की पतंजलि ब्यूटी क्रीम
  1. बालों के लिए बाबा रामदेव पतंजलि प्रोडक्ट्स
  • Patanjali Kesh Kanti Hair Conditioner
  • Kesh Kanti Anti Dandruff Hair Cleanser
  • Hair Conditioner Olive Almond
  • Conditioner Damage Control
  • Patanjali Kesh Kanti Hair Oil
  • Kesh Kanti Milk Protein Shampoo
  • Herbal Mehandi
  • Coconut Hair Oil
  • Kesh Kanti Reetha
  • Kesh Kanti Shikakai
  1. छोटे बच्चों के लिए पतंजलि products इन हिंदी
  • Shishu Care Hair Oil
  • Shishu Care Body Lotion
  • Shishu Care Massage Oil
  • Shishu Care Body Wash Gel

बाबा रामदेव पतंजलि आयुर्वेदिक देसी दवा इन हिंदी

  1. हाइट बढ़ाने (height growth) की मेडिसिन का नाम अश्वगंधा है। जल्दी लम्बाई बढ़ाने मे ये पतंजलि आयुर्वेदिक दवा बहुत असरदार है। जाने पतंजलि मेडिसिन फॉर हाइट ग्रोथ
  2. पतंजलि शुगर की दवा बाबा रामदेव:- Madhunashini Vati. ये दवा मधुमेह (diabetes) को कंट्रोल में रखने में भी कारगर है और अगर आपकी शुगर बढ़ गयी है तो पतंजलि मेडिसिन फॉर शुगर उसे कम करने में भी मदद करती है।
  3. पथरी की पतंजलि दवा में Divya Ashmarihar Ras का सेवन करे।
  4. बाबा रामदेव की दवा, आँखों की रोशनी बढ़ाने, चश्मा उतरने, आँखों के रोगों का उपचार और आँखों की देखभाल (eye care) की दवा Mahatrifala Ghrit, Drishti Eye Drop और Herbal Kajal.
  5. जोड़ों व घुटनों में दर्द और सूजन जो की गठिया के लक्षण है इसका ट्रीटमेंट भी पतंजलि मेडिसिन से किया जा सकता है। पीड़ान्तक तेल से मालिश कर के और Ajmodadi Churna के सेवन से जॉइंट पैन मे आराम मिलता है।
  6. सर्दी जुकाम, गले में खराश, जलन, खांसी और मुंह की बदबू दूर करने के लिए पतंजलि की दवा का नाम Divya Lavangadi Vati.
  7. कैंसर का आयुर्वेदिक इलाज करने के लिए दवा है Divya Hirak Bhasm. ये दवाई कैंसर को शरीर में आगे बढ़ने से रोकती है व साथ ही कैंसर उपचार करने में भी मदद करती है। पतंजलि दिव्य गोधन अर्क भी इस रोग का इलाज में रामबाण का काम करता है।
  8. हाइ ब्लड प्रेशर कम करने व कंट्रोल मे रखने के लिए दवा का नाम Divya Mukta Vati.
  9. दांत मजबूत और साफ़ रखने के लिए दिव्य दंत मंजन और पतंजलि दन्त कान्ति टूथपेस्ट।
  10. बुखार, डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड के बुखार का उपचार करने में गिलोय सत की गोली का सेवन करे। इसकी गोली बुखार ठीक करने व खून में प्लेटलेट्स बढ़ाने में अचूक है। डेंगू होने पर ब्लड में प्लेटलेट्स की संख्या बढ़ाने में गिलोय रामबाण इलाज है।
  11. अस्थमा की पतंजलि की दवा का नाम है Abhrak Bhasma.
  12. सिर दर्द, माइग्रेन, गर्दन, कंधे और कमर में दर्द का घरेलू उपचार में बाबा रामदेव की दवाई का नाम है Divya Dhara Tel.

बाबा रामदेव के घरेलू नुस्खे और देसी आयुर्वेदिक उपचार

  • सिर के दर्द से जल्दी राहत पाने के लिए खाली पेट सुबह थोड़ा नमक सेब पर लगा कर खाए।
  • जल्दी लम्बाई बढ़ाने की patanjali ayurvedic medicine के बारे में ऊपर बताया गया है और घरेलु उपचार करने के लिए गुड़ और प्याज रोज खाये इससे हाइट बढ़ाने में मदद मिलती है।
  • दांत का दर्द प्राकृतिक तरीके से दूर करने के लिए एक टुकड़ा अदरक का चबाये।
  • Periods के दर्द को कम करने के लिए 2 से 3 नींबू ठंडे पानी में निचोड़ कर पीना चाहिए।
  • डायबिटीज का घरेलू इलाज में करेले का जूस, जामुन के पत्ते और मेथी के दाने काफी उपयोगी है।
  • बाबा रामदेव के नुस्खे, सफेद बाल काले करने के लिए नहाने से कुछ देर पहले प्याज का पेस्ट सिर पर लगाए।
  • बाल झड़ने गिरने और टूटने से रोकने के लिए चाय पत्ती के पानी से बालों को धोएं।
  • दाद खाज खुजली का इलाज के लिए दही में नीम के पत्ते पीसकर लगाएं। दाद ठीक करने के लिए ये रामबाण दवा है।
  • प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला को दस्त लग जाये तो थोड़ा सा शहद संतरे के जूस मे मिला कर एक एक कप दिन मे दो से तीन बार पिए।
  • डेंगू का बाबा रामदेव के घरेलू उपाय में पपीते के पत्ते का रस, गेंहू का ज्वारा, गिलोय और एलोवेरा का सेवन करे। इस ayurvedic upchar से डेंगू व चिकनगुनिया के लक्षण को कम करने और ब्लड में प्लेटलेट्स बढ़ाने मे फायदा होता है।
  • मस्सों पे प्याज का रस मलने से मस्से के टुकड़े हो कर जड़ से झड़ जाते है।
  • पथरी का इलाज के लिए अपने आहार में कुल्थी की दाल शामिल करें। पथरी निकालने में मूली के पत्तों का रस भी फायदेमंद है।
  • पेट में गैस का अचूक इलाज करने के लिए 2 कलियां लहसुन को छीलकर 2 चम्मच घी में मिला कर चबा चबा कर खाए।
  • जॉइंट पैन से छुटकारा पाने के लिए 3 से 4 अखरोट सुबह खाली पेट खाना चाहिए।
  • बवासीर का आयुर्वेदिक उपचार के लिए 2 आलूबुखारे सुबह खाली पेट खाये।
  • मुंह के छाले ठीक करने व बार बार छाले होने से रोकने के लिए खाने के बाद थोड़ा सा गुड़ चूस कर खाना चाहिए।
  • पेशाब की जलन का उपचार के लिए थोड़ा सोडा छाछ मे मिला कर इसका सेवन करे।
  • अच्छी सेहत पाने के तरीके
  • दादी माँ के घरेलु नुस्खे

दोस्तों बाबा रामदेव पतंजलि की दवा का नाम, Baba Ramdev Patanjali Ayurvedic Medicine in Hindi का ये लेख कैसा लगा हमें बताये और अगर आपके पास बाबा रामदेव मेडिसिन ब्यूटी प्रोडक्ट्स लिस्ट, देसी आयुर्वेदिक उपचार और पतंजलि की दवाईयां से जुड़े अनुभव है तो हमारे साथ साँझा करे|

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अश्वगंधा के फायदे नुकसान और सेवन करने का तरीका https://sehatdoctor.com/ashwagandha-ke-fayde-nuksan-sevan-kaise/ https://sehatdoctor.com/ashwagandha-ke-fayde-nuksan-sevan-kaise/#comments Wed, 27 Oct 2021 22:52:16 +0000 http://https://sehatdoctor.com/?p=1721 अश्वगंधा के फायदे नुकसान और सेवन कैसे करे इन हिंदी: अश्वगंधा कई सारी बीमारियो को दूर करने में सहायक होता है, जानिए अश्वगंधा के फायदे, नुक्सान और सेवन करने के तरीके के बारे में| आयुर्वेदिक तरीके से उपचार में ashwagandha एक ऐसी रामबाण दवा है जो कई रोग ठीक करने में उपयोग की जाती है। अश्वगंधा कैप्सूल, पाउडर और तेल के रूप में आता है जिसे पतंजलि या पंसारी से ले सकते है। अश्वगंधा से होने वाले फायदे में हाइट बढ़ाने और वजन बढ़ाना प्रमुख है। 

अश्वगंधा में एंटीऑक्सीडेंट, लिवर टॉनिक, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-बैक्टीरियल के साथ-साथ कई अन्य पोषक तत्व होते हैं जो आपके शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।अश्वगंधा सफेद रक्त कोशिकाओं और लाल रक्त कोशिकाओं दोनों को बढ़ाने का काम करता है। जो कई गंभीर शारीरिक समस्याओं में फायदेमंद होता है।

आज हम आपको अश्वगंधा के फायदे और इससे जुड़े नुकसान के बारे में बताने जा रहे हैं। अश्वगंधा का वैज्ञानिक नाम विथानिया सोम्नीफेरा है यह आमतौर पर भारत और उत्तरी अफ्रीका में उगाया जाता है।

शतावरी के रूप में अश्वगंधा का सेवन करने से कई प्रकार के शारीरिक और मानसिक लाभ होते है। अश्वगंधा को कैसे ले और ये क्या काम करता है, अगर आपके मन में भी यही सवाल है तो इस लेख को ध्यान से पढ़े, यहां हम अश्वगंधा के फायदे नुकसान और अश्वगंधा के घरेलू उपाय व नुस्खे के बारे में जानेंगे, patanjali ashwagandha powder and capsules benefits in hindi language for men and women.

अश्वगंधा के फायदे और घरेलू उपाय

Ashwagandha Powder Benefits in Hindi

अश्वगंधा एक प्रकार का पौधा है जिससे पाउडर और कैप्सूल के रूप में कई तरह की आयुर्वेदिक दवाइयां बनाई जाती है, इसके साथ साथ कई घरेलू नुस्खे में इस औषधि का प्रयोग किया जाता है।

  1. सफेद पानी (लिकोरिया) की वजह से women के शरीर में कमजोरी आने लगती है और साथ ही प्रजनन क्षमता पर भी इसका बुरा असर पड़ता है। अश्वगंधा के सेवन से महिलाओं को इस रोग से काफी राहत मिलती है। ब्रेस्ट का साइज़ बढ़ाने के लिए अश्वगंधा शतावरी के साथ ले।
  2. पुरुषों के लिए भी अश्वगंधा चूर्ण से होने वाले फायदे अनेक है। इसके सेवन से men की प्रजनन क्षमता बढ़ती है, शुक्राणुओं की संख्या बढ़ती है, शारीरिक थकान, कमजोरी दूर होती है, शरीर में जोश आता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। जो लोग अनिद्रा के रोग से परेशान है और गहरी नींद नहीं ले पाते उनके लिए अश्वगंधा एक अचूक दवा है।
  3. वजन बढ़ाना है तो इसमें भी अश्वगंधा का सेवन काफी फायदेमंद होता है। अश्वगंधा और शतावरी को मिलाकर इसमें बराबर मात्रा में मिश्री मिलाये और रात को सोने से पहले या कसरत के बाद इसका 1 चम्मच पाउडर खाये और ऊपर से गरम दूध पिए। 1 महीना ये उपाय करने पर weight gain होने लगेगा। जाने वजन कैसे बढ़ाये
  4. अश्वगंधा से हाइट कैसे बढ़ाये, अगर आपके मन में भी यही सवाल है तो इसका जवाब है हां अश्वगंधा से हाइट बढ़ती है। लम्बाई बढ़ाने के लिए ये रामबाण आयुर्वेदिक मेडिसिन है। 1 गिलास दूध में 1 चम्मच अश्वगंधा चूर्ण मिला कर इसका सेवन करे। ये उपाय 40 से 45 दिन नियमित करने पर हाइट बढ़ाने में मदद मिलती है।
  5. हाई ब्लड प्रेशर के उपचार में भी ये काफी फायदेमंद है। हाई बीपी की बीमारी में अश्वगंधा चूर्ण दूध के साथ सेवन करें। इसका सेवन करने से तनाव भी कम होता है। लो बीपी होने पर इसका सेवन नहीं करना चाहिए। इसके सेवन से कोलेस्ट्रॉल भी कम होता है।
  6. फोड़े फुंसी और जख्म ठीक करने के लिए अश्वगंधा के पत्तों को पीसकर घाव पर लगाए।
  7. आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए अश्वगंधा, आंवला और मुलेठी को बराबर मात्रा में मिला कर इस पाउडर का 1 चम्मच रोजाना ले।
  8. टीबी का देशी इलाज में भी ये दवा काफी फायदा करती है और खांसी भी दूर होती है। इसके उपयोग से बॉडी में आयरन की मात्रा बढ़ती है।
  9. कैंसर (cancer) के इलाज में भी ये औषधि काफी उपयोगी है। अश्वगंधा कैंसर के सेल्स को बढ़ने से रोकने का काम करती है।
  10. अश्वगंधा कैप्सूल और पाउडर के फायदे, कुछ और रोग भी है जिनके उपाय में अश्वगंधा का उपयोग किया जा सकता है जैसे की वेट लॉस, बॉडी बनाना, गठिया, कफ, अस्थमा, खांसी, स्किन के लिए, बालों के लिए, लिवर के रोग और बॉडी इम्यूनिटी बढ़ाना।

अश्वगंधा के नुकसान – Ashwagandha Side Effects in Hindi

  • अश्वगंधा का सेवन अधिक करने से शरीर में कई तरह के बदलाव होने लगते है, जैसे शरीर का तापमान बढ़ना और बुखार आना। आप को अगर कोई समस्या हो तो इस का सेवन बंद करे और परेशानी ज्यादा होने लगे तो डॉक्टर से मिले।
  • लम्बे समय तक इसके सेवन से दूसरी मेडिसिन शरीर पर जल्दी असर नहीं कर पाती, ऐसे में किसी दूसरी बीमारी के इलाज में ली जाने वाली दवा से जल्दी लाभ नहीं मिलता।
  • शुगर (डायबिटीज), ब्लड प्रेशर व गठिया जैसे रोग के उपचार के लिए अगर अश्वगंधा पाउडर का सेवन करते है तो ध्यान रहे आप इस का सेवन अधिक मात्रा में ना करे।
  • अश्वगंधा के नुस्खे पेट के लिए काफी फायदेमंद है पर इसका सेवन अधिक करने पर ये फायदा करने की बजाय नुकसान कर सकती है, जैसे की दस्त लगना, पेट में गैस बनना और उल्टी आना।
  • नींद नहीं आने की समस्या को दूर करने में ये काफ़ी उपयोगी है पर इस दवाई का सेवन अधिक करने पर ज़्यादा नींद आना या फिर नींद ना आना जैसी समस्याएं होने लगती है जिसका दुष्प्रभाव सेहत पर पड़ता है।

अश्वगंधा का सेवन कैसे करे

  • अश्वगंधा को कैसे खाये ये इस बात पर निर्भर करता है की किस रोग के इलाज के लिए आप इसका सेवन करना चाहते है व आप की उम्र क्या है। बड़ों के मुकाबले बच्चों के लिए इसकी मात्रा कम होती है।
  • अच्छी सेहत पाने के लिए इस दवा को 2 से 5 ग्राम तक प्रतिदिन ले सकते है। 100 ग्राम मिश्री व 100 ग्राम अश्वगंधा मिला कर रख ले और रात को सोने से पहले दूध के साथ इस मिश्रण का 1 चम्मच ले।
  • किसी रोग के इलाज के लिए अगर आप इसका उपयोग करना चाहते है तो अश्वगंधा को खाने का तरीका उस रोग से जुड़े लेख में जाने।
  • अश्वगंधा चूर्ण और कैप्सूल दोनों रूप में आता है जो आप बाबा रामदेव पतंजलि के स्टोर से या पंसारी से ले सकते है।
  • अगर किसी बीमारी के उपचार के लिए आप कोई देसी दवा या मेडिसिन ले रहे है तो अश्वगंधा चूर्ण का सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर या आयुर्वेदिक चिकित्सक से मिलकर सलाह जरूर ले।
  • गैस, अल्सर व प्रेगनेंसी के दौरान अश्वगंधा कैप्सूल और पाउडर का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
  • वैसे तो आयुर्वेदिक दवा से नुकसान ना के बराबर होते है पर जब इन को सही तरीके से ना ले या अधिक मात्रा में इसका उपयोग करे तो ये नुकसान भी कर सकते है। इसलिए इसके सेवन से पहले आयुर्वेदिक चिकित्सक से मिले और इसे लेने का सही तरीका और सही मात्रा के बारे में विस्तार से जाने।

दोस्तों अश्वगंधा के फायदे नुकसान और घरेलू उपाय, Ashwagandha Benefits and side effects in Hindi का ये लेख आपको कैसा लगा हमें बताये और अगर आपके पास पतंजलि अश्वगंधा कैप्सूल व पाउडर का सेवन कैसे करे से जुड़े नुस्खे और सुझाव है तो हमारे साथ साँझा करे।

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सिर दर्द से जल्दी छुटकारा पाने के 10 घरेलू उपाय और आयुर्वेदिक नुस्खे https://sehatdoctor.com/sir-dard-ka-gharelu-upay-nuskhe-tips/ https://sehatdoctor.com/sir-dard-ka-gharelu-upay-nuskhe-tips/#comments Wed, 27 Oct 2021 22:52:16 +0000 http://https://sehatdoctor.com/?p=78 सिर दर्द का इलाज (Sir dard ka gharelu upay) : आजकल सब लोग एक दूसरे से बेहतर करने और आगे निकालने की दौड़ में लगे है, ऐसे में सिर दर्द की शिकायत होना आम है। सिर दर्द का सबसे बड़ा कारण तनाव है। ये समस्या छोटे बच्चों से ले कर बड़े बूढ़ों तक किसी को भी परेशान कर सकती है और अगर ये बीमारी बार बार हो तो ये आधासीसी (माइग्रेन) का रूप ले सकती है। माइग्रेन में सिर के आधे हिस्से में दर्द होता है जो कई बार असहनीय हो जाता है। 

सुबह-सुबह सिर दर्द के साथ उठना मतलब पूरा दिन बर्बाद हो जाना. सिर दर्द एक बहुत सामान्य समस्या है पर कई बार ये इतना तेज होता है कि बर्दाश्त कर पाना मुश्किल हो जाता है |सिर दर्द होना इतना सामान्य हो गया है कि अब हम इसे हेल्थ प्रॉब्लम की तरह देखते ही नहीं हैं। सिर दर्द होना, है तो सामान्य बात लेकिन अगर दर्द बढ़ जाए तो पूरा दिन बर्बाद हो जाता है।

हममें से ज्यादातर लोग सिर दर्द बर्दाश्त नहीं होने पर पेन-किलर ले लेते हैं लेकिन हर बार दवा लेना सही तो नहीं है। इसके कई साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। दर्द दबाने के लिए इन दवाओं में एस्टेरॉएड का इस्तेमाल किया जाता है। हो सकता है आपको शुरू में इन दवाओं से फायदा हो जाए लेकिन भविष्य में इसके खतरनाक परिणाम हो सकते हैं।

सिरदर्द मुख्य रूप से तनाव, अत्यधिक शारीरिक और मानसिक परिश्रम, अपर्याप्त नींद और भूख, मोशन सिकनेस, अत्यधिक शोरगुल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के अधिक प्रयोग के कारण सिरदर्द हो सकता हैं। कभी-कभी अधिक सोचना, अपर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी सिरदर्द के कारण हो सकता है ।

अक्सर लोग सिर दर्द का उपचार करने के लिए दर्द निवारक दवाओं (Pain killers) खाते है जैसे की क्रोसिन और पेरासिटामोल। इन मेडिसिन से सिर का दर्द तो कम हो जाता है पर ये शरीर पर बुरा असर डालती है। Head pain इन दवाओं की बजाये देसी आयुर्वेदिक नुस्खे अपना कर भी कर सकते है, जिसका कोई नुकसान नहीं। इस लेख में हम पढ़ेंगे सिर दर्द का इलाज के घरेलू उपाय कैसे करे। Headache treatment tips in hindi.

सिर दर्द का इलाज के घरेलू उपाय(sir dard ka gharelu upay)

Head Pain Treatment Tips in Hindi

  1. सिर दर्द से तुरंत राहत पाने के लिए लौंग के पाउडर में नमक मिला कर पेस्ट बनाये और दूध के साथ पियें, कुछ मिनटों में ही सिर का दर्द कम हो जायेगा। इसके अलावा लौंग को हल्का सा गर्म करें और पीस कर इसका लेप सिर पर लगाने से भी head pain दूर होता है।
  2. लहसुन एक प्राकृतिक दर्द निवारक औषधि है, लहसुन की कुछ कलियों को पीस कर निचोड़ लें और उसका रस पियें। इससे सिर दर्द से जल्दी आराम मिलेगा।
  1. सिर की मांसपेशियों में तनाव की वजह से दर्द होने लगता है। इस तनाव को कम करने के लिए गर्दन, सिर और कंधे की मालिश करें। रोजाना योगा, एक्सरसाइज और मेडिटेशन करने वालों को सिर दर्द की शिकायत कम होती है।
  2. अगर आपको ये परेशानी बार बार होती है तो सुबह सुबह सेब पर नमक लगा कर खाली पेट खाये और साथ में गुनगुना दूध पिये। कुछ दिन लगातार ये उपाय करने पर बार बार होने वाले सिर दर्द से छुटकारा मिलेगा।
  3. सर दर्द से छुटकारा पाना हो तो एक साफ़ कपडे में बर्फ के टुकड़े डालें और ice pack बना ले। 10 मिनट के लिए इसे सिर पर रखने और हटाने से थोड़ी देर में सर दर्द ठीक होने लगेगा।
  4. थोड़ा सा केसर बादाम के तेल में मिला कर इसे सूंघने पर सिर का दर्द कम होने लगेगा। जल्दी राहत पाने के लिए इस उपाय को  2 से 3 बार करे।
  5. कई बार नींद पूरी न होने की वजह से भी सिर में दर्द होने लगता है ऐसे में लौंग, इलायची और अदरक डालकर चाय बनाये और पिये। इससे सिर का दर्द तुरंत गायब हो जाएगा। अदरक वाली चाय पीना तनाव कम करने और माइंड फ्रेश करने का अच्छा उपाय है।
  6. पेट में गैस के कारण अगर सिर दर्द हो तो 1 गिलास हल्के गर्म पानी में नींबू रस मिला कर पिये। इससे पेट की गैस और सिर के दर्द दोनों से राहत मिलेगी।
  7. सर्दी और जुकाम के कारण सिर में दर्द हो तो चीनी और धनिया को पानी में घोल ले और पिए। उसे जुकाम, सर्दी और सिर दर्द से आराम मिलेगा।
  8. अगर अधिक गर्मी की वजह से सिर दर्द हो तो नारियल के तेल से सिर की मालिश करें। इससे सिर को ठंडक मिलेगी और दर्द से छुटकारा मिलेगा।

सिर दर्द का उपचार के आयुर्वेदिक नुस्खे

  • सिर के जिस तरफ दर्द हो उसकी दूसरी तरफ की नाक में 1 से 2 बूंद शहद की डालें, इस उपाय से सिर दर्द जल्दी दूर होता है। अगर माइग्रेन की वजह से सिर में दर्द हो रहा है तो शहद की जगह देसी गाय के घी की कुछ बूंदें डालें।
  • पानी में दालचीनी पाउडर मिलाकर पेस्ट बनाएं और सिर पर लगाए, इस आयुर्वेदिक नुस्खे के प्रयोग से आपको तुरंत आराम मिलेगा।
  • जायफल को चावल के पानी में अच्छे से पीस कर पेस्ट बनाएं और सिर पर लगाए, इससे सिर दर्द कम होने लगेगा। .
  • सिर दर्द का इलाज के लिए गाय का गरम दूध पीना भी फायदेमंद है।  .
  • खीरा काट कर सिर पर रगड़ने और सूंघने से headache कम होता है।
  • सरसों के तेल को कटोरी में डाल कर 2 से 3 बार सूंघे।

बाबा रामदेव के योग से सिर दर्द का इलाज

रोजाना 10 मिनट योग कर के आप सर दर्द से छुटकारा पा सकते है। सिर दर्द का उपचार करने के लिए Baba Ramdev द्वारा बताए हुए कुछ योगासन निचे लिखे है।

  1. सूर्य नमस्कार
  2. नाड़ी शोधन
  3. पवनमुकतासना
  4. भ्रामरी प्राणायाम
  5. स्वरगासन

सिर दर्द में परहेज क्या करे

  • ऐसे भोजन से परहेज करे जिस से कब्ज होने की आशंका हो।
  • बिना मसाले वाला सादा भोजन करें.
  • धूम्रपान और शराब से दूर रहे।
  • अधिक तनाव लेने से बचें।

दोस्तों सिर दर्द का इलाज के घरेलू उपाय, Head Pain Treatment Tips in Hindi का ये लेख आपको कैसा लगा हमें कमेंट के जरिये बताये और अगर आपके पास आधा सिर दर्द (माइग्रेन) के उपचार के देसी नुस्खे है तो हमारे साथ भी शेयर करे।

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बुखार का इलाज 10 आसान घरेलू उपाय और आयुर्वेदिक नुस्खे https://sehatdoctor.com/bukhar-ka-gharelu-upay/ https://sehatdoctor.com/bukhar-ka-gharelu-upay/#respond Wed, 27 Oct 2021 22:52:16 +0000 http://https://sehatdoctor.com/?p=2353 सर्दी,जुखाम और बुखार ( bukhar ka gharelu upay ) के घरेलू उपचार : बुखार होने के कई कारण हो सकते है पर जब भी हमें बुखार आता है तो सबसे पहले हम पेरासिटामोल और क्रोसिन जैसी दवाओं का सहारा लेते है। अंग्रेजी दवा के सेवन से बुखार तो उतरने लगता है पर ये मेडिसिन लिवर पर बुरा असर करती है। बुखार का इलाज हमेशा इसके लक्षण के आधार पर किया जाता है। ज्यादातर मौसम में अचानक आये बदलाव की वजह से या किसी इंफेक्शन के कारण बुखार आने लगता है। ऐसे बहुत से रोग शुरूआती लक्षण में बुखार आना सामान्य है। अगर शुरू में ही ये लक्षण पहचान ले तो बुखार से बच सकते है और इसका उपचार भी किया जा सकता है। बुखार कई तरह का हो सकता है जैसे वायरल फीवर, मलेरिया, टाइफाइड, अंदरूनी बुखार और दिमागी बुखार। आज हम इस लेख में जानेंगे बुखार होने के कारण, घरेलू उपाय और परहेज क्या करे, gharelu nuskhe for fever in hindi.

बुखार के घरेलू नुस्खे और उपाय, Gharelu nuskhe for fever in hindi

 

बुखार होने के कारण

  1. अचानक मौसम बदलने की वजह से बुखार आना सामन्य है और इससे घबराने नहीं चाहिए।
  2. किसी वायरस की वजह से होने वाला बुखार वायरल फीवर होता है जो व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक शक्ति कमजोर होने के कारन होता है।
  3. जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता ठीक होती है उन्हें viral fever होने की संभावना कम होती है।
  4. मलेरिया और टाइफाइड जैसे रोग में भी बुखार आता है।

 

वायरल फीवर का इलाज (treatment of viral fever in hindi )

  1. वायरल फीवर में बॉडी टेम्परेचर 100-103 डिग्री या इससे भी अधिक हो सकता है।
  2. ठंड लगने, कोल्ड ड्रिंक और फ्रिज में रखा हुआ ठंडा पानी पीने से वायरल बुखार की संभावना होती है।
  3. वायरल फीवर का वायरस सांस के द्वारा एक व्यक्ति से दूसरे में तेजी से फैलता है।
  4. इससे छोटे बच्चों में खांसी, उल्टी, दस्त, सिर दर्द और ठंड लगने जैसी परेशानियां होती है।
  5. ये सामन्य बुखार की तरह ही होता है और इसका पता लगते ही डॉक्टर से टेस्ट ज़रूर करवाए।

 

बुखार के घरेलू नुस्खे और उपाय ( bukhar ka gharelu upay ) –

Gharelu nuskhe for fever in hindi

1. लहसुन की 5-6 कलियाँ घी या तिल के तेल में तल ले। अब इस तले हुए लहसुन में सेंधा नमक मिला कर रोगी को खिलाए। बुखार किसी भी कारण हो इस नुस्खे से उतर जाएगा।

2. बुखार ज्यादा हो तो ठंडे पानी में भीगी हुई पट्टियां रोगी के माथे पर रखें और जब तक शरीर का तापमान कम ना हो जाए ये करते रहे। माथे पर पट्टी रखने के थोड़ी देर बाद ये गरम हो जाती है। ऐसे में पट्टी को फिर से भिगो कर माथे पर रखे।

3. सर्दी जुकाम की वजह से बुखार हो तो तुलसी, शहद, मुलेठी और मिश्री पानी में मिला कर गाढ़ा बना ले फिर रोगी को पीने को दे। इस देसी आयुर्वेदिक नुस्खे से जुकाम दूर होगा और बुखार भी ठीक होने लगेगा।

4. बुखार होने की वजह से रोगी के शरीर में पानी की कमी हो सकती है जिससे बचने के लिए ज्यादा पानी पिए। आप पानी में ग्लूकोस मिला कर भी पी सकते है। पानी को उबाल कर रख ले और जब भी पीना हो इसमें से ही पिए।

5. एक कप गुनगुने पानी में 1 चम्मच सिरका मिलाकर इसमें एक आलू का टुकड़ा भिगो दे फिर इसे रोगी के सिर पर रखे। इस उपाय से बुखार उतरने लगेगा।

6. बुखार होने पर मरीज को ज्यादा समय आराम करना चाहिए और अपने खान पान का भी ध्यान रखना चाहिए। साबूदाना, मिश्री और दूध जैसी चीज़े रोगी को खाने को दे। इसके इलावा मौसमी का जूस और नारियल पानी पीना भी अच्छा है।

7. गर्मी में लू लगने की वजह से टाइफाइड या बुखार हुआ है तो पानी में कच्चा आम पका कर इसका रस पिये।

8. अदरक और पुदीने का काढ़ा बना कर पीने से बुखार दूर होने लगता है। काढ़ा पीने के बाद बाहर हवा में ना निकले और आराम करे।

9. मौसम बदलने की वजह से बुखार है तो तुलसी की चाय बना कर पिए इससे बुखार में आराम मिलता है।

10. सरसों के तेल में कुछ लहसुन की कलियाँ पीस कर गरम कर ले। जब तेल ठंडा हो जाये तब इससे पैरों के तलवों की मसाज करे।

11. अगर आप बुखार से आराम पाने के लिए आयुर्वेदिक दवा लेना चाहते है तो पतंजलि के स्टोर से बाबा रामदेव की दवा भी ले सकते है।

 

बुखार में परहेज

  • वायरल फीवर से पीड़ित रोगी के द्वारा इस्तेमाल की हुई चीजों का प्रयोग दूसरों को नहीं करना चाहिए और मरीज के आस पास साफ सफाई का भी ध्यान रखे।
  • बुखार के रोगी को अपने पास एक रुमाल जरूर रखना चाहिए। जब भी खाँसी और छींक आये तब रुमाल का इस्तेमाल जरूर करे ताकि दूसरे लोगों में वायरस  ना फैले।
  • ठंडी चीजें और दही के सेवन से बचे और हल्का आहार ले।

 

दोस्तों बुखार के घरेलू नुस्खे और उपाय, Gharelu nuskhe for fever in hindi का ये लेख आपको कैसा लगा हमें बताये और अगर आप के पास बुखार का इलाज के आयुर्वेदिक उपचार और देसी तरीके हो तो हमारे साथ साँझा करे।

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गुर्दे की पथरी का रामबाण इलाज : Kidney ki Pathri ke 10 Gharelu Nuskhe https://sehatdoctor.com/kidney-stone-gurde-ki-pathri-ka-ilaj-gharelu-upay/ https://sehatdoctor.com/kidney-stone-gurde-ki-pathri-ka-ilaj-gharelu-upay/#comments Wed, 27 Oct 2021 22:52:16 +0000 http://https://sehatdoctor.com/?p=93 पथरी का इलाज : गुर्दे में पथरी होना काफी दर्द भरा होता है, बहुत से लोग इस समस्या से अक्सर परेशान रहते है। Pathri का आकार हर व्यक्ति के शरीर में अलग होता है, छोटी पथरी पेशाब के रस्ते बाहर निकल जाती है पर अगर पथरी का आकार बड़ा हो तो वो मूत्र मार्ग से बहार नहीं निकल पाती, फिर पेशाब करते वक़्त दर्द और जलन महसूस होती है। 

इससे बचने के लिए ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए ताकि गुर्दे में नियमित पानी पहुंचे और कोशिकाओं को भी पानी की कमी न होने पाए, जिन लोगों को एक बार पथरी हो चुकी है उन्हें दोबारा यह समस्या हो सकती है। ऐसे लोगों को पालक, टमाटर, आलू, चाय, चावल, नमक आदि बचकर खाना चाहिए।

आयुर्वेद में पथरी को अश्मरी कहा गया है, इसमें वात दोष मूत्राशय में आये हुए शुक्र सहित मूत्र को या पित्त के साथ कफ को सूखा देता है तब पथरी बन जाती है। जब यह अश्मरी मूत्र मार्ग में आ जाती है तब मूत्र त्याग में अत्यधिक रुकावट एवं असहनीय पीड़ा उत्पन्न करती है। इसके कारण अंडकोष से लेकर लिङ्ग मूत्राशय एवं पार्श्व में पीड़ा होती है।

इस लेख में हम पथरी का इलाज के घरेलू नुस्खे और आयुर्वेदिक उपाय बता रहे है  जिनके निरंतर प्रयोग से ऑपरेशन के बिना ही पथरी से छुटकारा पा सकेंगे। आइये जाने kidney stone treatment tips in hindi.

गुर्दे की पथरी का रामबाण इलाज

गुर्दे की पथरी का इलाज के घरेलू नुस्खे

Pathri Nikalne ke Upay : Kidney Stone Treatment in Hindi 

  1. पपीते की जड़ 6 ग्राम पीस ले, अब इसे 50 ग्राम पानी में अच्छे से घोल कर साफ़ कपडे से छान ले और मरीज़ को पीला दे। 21 दिन तक ये घोल रोगी को पिलाने पर पथरी गल कर पेशाब के रस्ते बाहर निकल जाएगी।
  2. पत्थरचट्टा का 1 पत्ता, 4 दाने मिश्री मिलाकर पीस लें और एक कप पानी के साथ हर रोज खाली पेट ले।
  3. मूली के पत्तों का रस 100 ग्राम की मात्रा में ले। रोजाना दिन में 2 से 3 बार इस रस को पीने से पथरी में फायदा मिलेगा।
  4. आप पानी से भी पथरी का उपचार शुरू कर सकते है। रोजाना 5 से 6 लीटर पानी पीना अच्छा है और अगर बियर का सेवन कर सकते है तो इससे भी pathri ka ilaj करने में फायदा मिलता है।
  5. हल्दी का प्रयोग पथरी में उत्तम है।  2 ग्राम गुड़ और 1 ग्राम हल्दी गाजर की कांजी के साथ खाने से पथरी गल कर निकल जाएगी।
  6. पत्थरचट्टा के पत्तों को पानी में उबाल ले और काढ़ा बनाकर पिएं, इस उपाय को लगातार 2 हफ्ते करने से पथरी से निजात मिलेगी।
  7. 250 ग्राम पानी में 20 ग्राम कुलथी डाल कर उबाल ले , जब पानी एक चौथाई रह जाए तब इसे उतार कर छान ले। ये पानी जब गुनगुना हो तो रोगी को पिलायें। 20 दिन लगातार ये उपाय दिन में 2 बार करने से पथरी घुल कर बाहर निकल जाएगी।
  8. पुदीने की पत्तियों को पानी में उबाल कर पिने से पथरी में आराम मिलता है।
  9. जामुन खाने से भी पथरी के रोगी को आराम मिलता है।
  10. गुर्दे की पथरी के उपचार में विटामिन बी 6 का सेवन काफी असरदार है, तुलसी के पत्तों में vitamin B6 अधिक मात्रा में होता है। तुलसी के पत्तों को चबा चबा कर खाया करें। किडनी को स्वस्थ और सेहतमंद रखना हो तो तुलसी के पत्तों को पानी मे उबाल कर पिएं। इसके साथ तुलसी की चाय पीना भी काफी फायदेमंद है।

गुर्दे की पथरी का रामबाण इलाज

  • Kidney stone में पके  हुए प्याज का रस पिने से भी आराम मिलता है। किसी बर्तन में 1 गिलास पानी डाले और 1 से 2 छोटे प्याज छील कर डाले और धीमी आंच पर पकाये। जब प्याज अच्छी तरह पक जाये तब इन्हें गैस से उतार ले और ठंडा होने के लिए छोड़ दे। ठंडा होने पर इसे मिक्सी में डाल कर पीस ले और छान ले और 3 दिन तक इसे पिये। इस उपाय से पथरी से जल्दी राहत मिलेगी।

Kidney की Pathri में बाबा रामदेव के आयुर्वेदिक उपाय 

  • गुर्दे की पथरी निकलने के लिए Divya Ashmarihar Ras एक आयुर्वेदिक मेडिसिन है जो आप को baba ramdev की पतंजलि या किसी पंसारी की शॉप से मिल जाएगी। ये आयुर्वेद की दवा पथरी के टुकड़े कर के उसे मूत्र मार्ग से शरीर से बाहर निकलती है। एलोपैथी से किडनी की पथरी का treatment करना हो तो डॉक्टर पथरी निकालने के लिए ऑपरेशन की सलाह देते है, पर इस दवा के सेवन से आप पीते की पथरी और इसके दर्द से छुटकारा पा सकते है।
  • जाने बाबा रामदेव के नुस्खे
  • जाने पथरी की दवा और देसी इलाज

राजीव दीक्षित के उपचार से पथरी के दर्द का इलाज

  • 2 चम्मच सेब का सिरका (Apple cider vinegar) ले और उसमे एक चम्मच नींबू का रस मिलाकर पियें। Kidney stone treatment के लिए ये अच्छा घरेलू उपाय है।
  • क्रैनबेरी जूस (लाल रंग की खट्टी बेरी) पीने से पथरी के दर्द में काफी आराम मिलता है। एक गिलास क्रैनबेरी जूस में एक चम्मच नींबू का रस मिला कर रोजाना  पिएं, इससे पथरी पेशाब के रास्ते शरीर से बाहर निकल जाएगी।
  • 1 गिलास अनार का जूस हर रोज पीने से गुर्दे की पथरी घुल कर पेशाब के रास्ते शरीर से बाहर निकल जाएगी।
  • 1 गिलास अंगूर का रस रोजाना सुबह नाश्ते से पहले ले।

पथरी के उपचार में परहेज

  • जिस व्यक्ति के शरीर में पथरी हो उसे चुना कभी नहीं खाना चाहिए।
  • मसालेदार चीजें ना खाए।
  • शाकाहारी भोजन ही खाये, पथरी का इलाज होने तक मांसाहारी भोजन करने से बचें।
  • बीज वाली सब्जियां और फल न खाये।

दोस्तों पथरी का इलाज का इलाज के घरेलू नुस्खे, Kidney Stone Treatment Tips in Hindi का ये लेख आपको लगा कमेंट करके बताये और अगर आपके पास Pathri Nikalne ke gharelu Upay, desi nuskhe है तो हमारे साथ भी शेयर करे।

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लकवा का उपचार के 10 घरेलु तरीके और आयुर्वेदिक देसी उपाय https://sehatdoctor.com/lakwa-ka-upchar-gharelu-upay-tarike-ayurvedic/ https://sehatdoctor.com/lakwa-ka-upchar-gharelu-upay-tarike-ayurvedic/#comments Wed, 27 Oct 2021 22:52:16 +0000 http://https://sehatdoctor.com/?p=171 लकवा का उपचार के घरेलु तरीके: लकवा को पैरालिसिस अटैक या स्ट्रोक भी कहते है जिसकी वजह से व्यक्ति चलने फिरने और लकवा ग्रस्त अंग को महसूस कर पाने की ताकत खो देता है। चेहरे (face) पर lakwa होने से मरीज का मुँह आधा टेढ़ा हो जाता है और बोलने पर मुँह से आवाज नहीं निकलती। 

आजकल लोगों को कई बीमारियों के होने का खतरा बना रहता है| कुछ बीमारियों का इलाज आसानी से हो जाता है, लेकिन कुछ बीमारी ऐसी होती हैं, जिसमें इंसान को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है |आयुर्वेद में लकवा के इलाज की कई विधियां बताई गई हैं साथ ही आहार और दिनचर्या में बदलाव से भी लकवा के असर को कम किया जा सकता है। आइये जानते हैं कि लकवा के मरीजों को अपने खानपान में क्या बदलाव लाने चाहिए।

लकवा रोगी को रोजाना दूध में छुहारे भिगोकर देते रहना चाहिए | इससे लकवा ठीक होने लगता है |इन दोनों का मिश्रण रोगी के लिए बहुत ज्यादा लाभकारी होता है|

जब हमारे शरीर का कोई अंग या फिर पूरे शरीर की मांसपेशियां काम करना बंद कर दे तो उस अवस्था को फालीज, पक्षाघात या फिर लकवा कहते है। अगर पैरालिसिस अटैक शरीर के एक तरफ के हिस्सा पर हुआ है तो इसे अधरंग कहते है जिसमे शरीर का आधा हिस्सा काम करना बंद कर देता है। इस लेख में हम जानेंगे लकवा का उपचार घरेलु उपाय और आयुर्वेदिक नुस्खे अपना कर कैसे करे, paralysis attack treatment in hindi.

लकवा किसी भी उम्र में किसी भी व्यक्ति या महिला को हो सकता है पर अधिकतर ये ज़्यादा उम्र के लोगों में देखा जाता है। इस बीमारी से उबरने में काफी समय लग सकता है और कई बार ये लाइलाज रोग बन जाता है।

लकवा के लक्षण क्या है : Paralysis Symptoms

  • सिर दर्द होना, चक्कर आना या फिर बेहोश होना।
  • शरीर में अकड़न आना, शरीर का कोई अंग बार बार सुन पड़ जाना और हाथ पैर को उठाने में परेशानी आना।
  • बात करते वक़्त अटकना, तुतलाना या बोलने में कोई परेशानी होना।
  • धुंधला दिखाई देना या कोई चीज दो बार देखना।

लकवा होने के कारण : Paralysis Causes

लकवा होने का सबसे बड़ा कारण है हाई ब्लड प्रेशर (high blood pressure). इसके इलावा खून में थक्का जमना, स्ट्रोक होना , बेड कोलेस्ट्रोल का बढ़ना।

लकवे का अटैक आने पर अगर मरीज को तुरंत उपचार मिल जाए और खून का जमा हुआ थक्का (blood clot) ठीक हो जाए तो मरीज की स्थिति में जल्दी सुधार हो सकता है और शीघ्र ही रोगी बिल्कुल ठीक भी हो सकता है और अगर खून का प्रवाह फिर से शुरू ना हो सके तो इससे स्थाई लकवा की स्थिति बन सकती है।

लकवा का उपचार घरेलु उपाय और देसी तरीके से कैसे करे

Lakwa ka Upchar ke Gharelu Upay aur Desi Tarike

  1. 2 चम्मच शहद में 5 कलियाँ लहसुन की पीस कर उसका सेवन करने पर एक से डेढ़ महीने में लकवे में आराम मिलने लगेगा। इसके साथ साथ लहसुन की 5 कालियां दूध में उबाल ले और इसका सेवन करे। इस उपाय से ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल में रहेगा और लकवा प्रभावित अंग में भी जान आने लगेगी।
  2. पैरालिसिस के उपचार में मालिश से भी फायदा मिलता है पर किसी भी प्रकार की मालिश को शुरू करने से पहले एक बार डॉक्टर या फिर किसी आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह जरूर ले। कलौंजी के तेल को गुनगुना कर के हल्के हाथों से मालिश करें, इसके साथ दिन में 2 से 3 बार एक चम्मच तेल का सेवन भी करे। इस देसी नुस्खे से 30 दिनों में फर्क दिखने लगेगा।
  3. 50 से 60 ग्राम काली मिर्च को 250 ग्राम तेल में मिला कर कुछ देर तक गैस पर पकाए। अब इस तेल को गुनगुना करके लकवे प्रभावित अंग पर पतला – पतला लेप लगाये।
  4. लकवा का उपचार में लहसुन का सेवन बहुत ही असरदार है। लहसुन से उपचार करने के लिए पहले दिन पानी के साथ लहसुन की 1 कली निगल ले, उसके बाद रोजाना एक-एक कली बढ़ाये और पानी के साथ ले, कहने का मतलब है की पहले दिन 1 कली, दूसरे दिन 2, तीसरे दिन 3 और ऐसे करते करते  21वें दिन लहसुन की पूरी 21 कलियां पानी के साथ निगलनी है। 21 दिनों के बाद अब हर रोज एक  – एक  कली कम कर के निगले। इस प्रयोग से अधरंग जैसी समस्या में जल्द फायदा मिलता है।
  5. लकवा का उपचार में रोजाना सौंठ और उड़द को उबाल ले और ठंडा होने पर इसका पानी छानकर पिएं। हर रोज इस उपाय को करने से लकवे में काफी सुधार होता है।
  6. बारीक पिसी हुई अदरक 5 ग्राम और काली उड़द दाल 10 ग्राम की मात्रा में ले और 50 ग्राम सरसों के तेल में 5 से 7 मिनट तक गर्म करें और इसमें 2 ग्राम पिसे हुए कपूर का चूरा डाल दे। हर रोज इस तेल के इस्तेमाल से गठिया और लकवे की बीमारी में गजब का फायदा मिलता है। इस तेल से जोड़ों की मालिश करने पर दर्द ठीक होता है।
  7. खजूर का गुदा लकवा से प्रभावित अंग पर मलने से भी आराम मिलता है।
  8. दूध में छुहारा भिगो कर खाने से भी लकवे में फायदा मिलता है, ध्यान रहे एक बार में 4 से ज्यादा छुहारे नहीं खाये।
  9. रात को तांबे के बर्तन में एक लीटर पानी भर कर रख दे और पानी में चाँदी का एक सिक्का भी डाल दे। सुबह खाली पेट इस पानी को पिए और आधे घंटे तक कुछ ना खाए पिए। ये प्रयोग लकवा से रिकवर होने में बहुत फायदा करता है।
  10. लकवे के रोगी को करेला ज़्यादा खाना चाहिए, लकवे में करेले के सेवन से भी फायदा मिलता है। लकवे से ग्रस्त व्यक्ति को किसी भी नशीली चीज के सेवन से परहेज करना चाहिए और खाने में घी, तेल मांस, मछली का प्रयोग नहीं करना चाहिए।

लकवे का इलाज के आयुर्वेदिक नुस्खे

  1. हर रोज सुबह शाम देसी गाय के शुद्ध घी की 2 बूँदो को नाक में डालने से लकवे में भी बहुत आराम मिलता है और इसके इलावा इस उपाय से बालो का झड़ना बंद होता है, कोमा में गए हुए व्यक्ति की चेतना लौटने लगती है और  दिमाग भी तेज होता है। इस देसी नुस्खे का निरंतर प्रयोग माइग्रेन की बीमारी में रामबाण इलाज का काम करता है।
  2. लकवे का अटैक आने पर तुरंत तिल का तेल 50 से 100 ग्राम हल्का गर्म करके रोगी को पिला दे और इसके साथ थोड़ा लहसुन चबा चबा कर खाने को दे। अटैक पड़ते ही सिर और लकवा प्रभावित अंग पर सेंक करे।
  3. काली उड़द को खाने के तेल में डाल कर गर्म कर ले और इसे लकवे से ग्रस्त अंग पर मालिश करें, इससे काफी लाभ मिलता है।

अगर आप किसी प्रकार की कोई आयुर्वेदिक मेडिसिन लेना चाहते है तो Baba Ramdev पतंजलि स्टोर या फिर किसी पंसारी की दुकान से ले सकते है और अगर होम्योपैथिक दवा लेना चाहते है तो पहले होम्योपैथिक डॉक्टर से मिले।

दवाओं और उपायों के साथ लकवा (पक्षाघात) ठीक करने के लिए प्राणायाम, योगासन और एक्यूप्रेशर करने से भी लाभ मिलता है। शरीर के एक तरफ लकवा हुआ हो तो अनुलोम विलोम प्राणायाम करने  से बहुत  फायदा मिलता है। अधरंग का उपचार के लिए प्राणायाम और योग सीखने के लिए बाबा रामदेव के वीडियो देख सकते है।

दोस्तों अगर आप ऐसे किसी व्यक्ति को जानते है जिसे पैरालिसिस अटैक आया हो तो आप उनके साथ लकवा का उपचारकरने के देसी और आयुर्वेदिक नुस्खे, paralysis treatment in hindi का ये लेख  शेयर करे ताकि वो इस समस्या से छुटकारा पा सके, और अगर आपके पास अधरंग का इलाज के घरेलु उपाय है तो हमारे साथ शेयर करे।

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बवासीर के मस्से और दर्द का उपचार के 7 घरेलू आयुर्वेदिक उपाय https://sehatdoctor.com/bawaseer-masse-dard-ka-ilaj-ke-upay-tips/ https://sehatdoctor.com/bawaseer-masse-dard-ka-ilaj-ke-upay-tips/#comments Wed, 27 Oct 2021 22:52:16 +0000 http://https://sehatdoctor.com/?p=197 बवासीर का उपचार : बवासीर की परेशानी में इंसान बहुत ज्यादा परेशान रहता है, बवासीर के मस्से और दर्द का इलाज करने के रामबाण नुस्खे अपनाएं और बवासीर की परेशानी से छुटकारा पाएं| बवासीर (Hemorrhoids) 2 तरीके की होती है अंदरुनी और बाहरी। अंदर की पाइल्स में मस्से दिखाई नहीं देते पर बाहरी में मस्से गुदा से बाहर की और निकले होते है। इस रोग में जब मल त्यागते वक़्त खून निकलता है तो उसे खूनी बवासीर कहते है। ये खून इतना अधिक होता है की रोगी इसे देख कर घबरा जाता है। बाहरी बवासीर होने पर मस्से सूज कर मोटे हो जाते है जिससे इसमें दर्द, जलन और खुजली भी होने लगती है। इस लेख में हम जानेंगे बवासीर का उपचार घरेलू तरीके से कैसे करे, natural home remedies tips for piles treatment in hindi.

बवासीर यानी पाइल्स गंभीर बीमारियों में से एक मानी जाती है।आमतौर पर बवासीर (Piles) के लक्षण ज्यादा गंभीर नहीं होते हैं। दरअसल पाइल्स गुदा के आसपास एक सख्त दर्दनाक गांठ महसूस होना। जमे हुए रक्त वाली गांठ को थ्रोम्बोस्ड पाइल्स कहा जाता है। ये बाहरी सतह पर होती है।

बवासीर का उपचार आप आसानी से घर पर कर सकते है कुछ घरेलु नुस्खे अपना कर। अपने खानपीन में बदलाव लेकर इस समस्या से निजात पा सकते हैं । आजकल की जीवनशैली और भाग दौड़ वाली ज़िन्दगी की वजह से हम अपने खाने पीने पर ध्यान नहीं दे पते हैं जिसकी वजह से कई रोग होने लगते हैं। 

बवासीर (अर्श) के मस्सों से परेशान व्यक्ति न तो ठीक से कुछ खा पी सकता है और न ही ठीक से बैठ पाता है। बाहरी मस्सों का इलाज डॉक्टर और आयुर्वेदिक चिकित्सक ऑपरेशन या दवा से कर देते है क्योंकि ये गुदा में बहार की तरफ निकले होते है पर भीतरी मस्सों का उपचार करना थोड़ा मुश्किल होता है क्योंकि ये मस्से गुड्डा के अंदर की तरफ होते है।

बवासीर का उपचार के घरेलू उपाय और देसी नुस्खे

Bawaseer ka Upchar ke Gharelu Upay aur Desi Nuskhe 

  1. खुनी बवासीर होने पर दही या लस्सी के साथ कच्चा प्याज खाने से फायदा मिलता है।
  2. कैसी भी बवासीर हो कच्ची मूली खाने या उसका रस पीना चाहिए। एक बार में मूली का रस 25 से 50 ग्राम तक ही ले।
  3. आम और जामुन की गुठली के अंदर वाले हिस्से को सुख कर पीस लें और इसका चूर्ण बना ले। रोजाना 1 चम्मच चूर्ण पानी या लस्सी के साथ लेने से खुनी बवासीर में आराम मिलता है।
  4. शरीर में कब्ज़ रहती हो और पेट ठीक से साफ़ न होता हो तो इसबगोल की भूसी का प्रयोग करे।
  5. 50 से 60 ग्राम बड़ी इलायची तवे पर भून ले और ठंडी होने के बाद इसे पीस कर चूर्ण बना ले। रोजाना सुबह खाली पेट इस चूर्ण को पानी के साथ लेने से पाइल्स ठीक होती है।
  6. 100 ग्राम किशमिश रात को सोने से पहले पानी में भिगो कर रखे और सुबह उस पानी में किशमिश को मसल कर इस पानी का सेवन करें। कुछ दिन निरंतर इस उपाय को करने से बवासीर ठीक होने लगती है।
  7. 10 से 12 ग्राम धुले हुए काले तिल ताजा मक्खन के साथ खाने से खूनी बवासीर में खून का आना बंद होता है। एक चौथाई चम्मच दालचीनी 1 चम्मच शहद में मिला कर खाने से भी पाइल्स में राहत मिलती है।
  8. अगर आप को बवासीर बार बार होती है तो दोपहर के खाने के बाद लस्सी (छाछ) का सेवन करे। लस्सी में थोड़ा सा सेंधा नमक और अजवाइन मिला कर पिये।

बवासीर के मस्सों का रामबाण इलाज

  • 80 ग्राम अरंडी के तेल को गरम कर ले फिर इसमें 10 ग्राम कपूर मिला कर रखे। मस्सों को साफ़ पानी से धो कर इसे किसी कपड़े से पोंछ ले और अरंडी के इस तेल से मस्सों पर हलके हाथों से मालिश करे। इस देसी नुस्खे को दिन में 2 बार करने से मस्सों की सूजन, दर्द, खारिश और जलन में आराम मिलता है।
  • थोड़ी सी हल्दी को सेहुंड के दूध में मिलाकर इसकी 1 बूंद मस्से पर लगाने से मस्सा ठीक हो जाता है। .
  • सहजन के पत्ते और आक के पत्तों का लेप लगाने से भी मस्सों से जल्दी छुटकारा मिलता है।
  • कड़वी तोरई के रस में हल्दी और नीम का तेल मिला कर एक लेप बना ले और मस्सों पर लगाये। इस उपाय के निरंतर प्रयोग से हर तरह के मस्से ख़तम हो जाते है।

खूनी और बादी बवासीर का आयुर्वेदिक उपाय

  • अंजीर का सेवन पाइल्स के इलाज में बेहद लाभकारी है। रात को सोने से पहले 2 सूखे अंजीर पानी में भिगो कर रखे और सुबह खाएं और 2 अंजीर सुबह भिगो कर रख दे जिसे आप शाम को खाये। अंजीर खाने के आधे से पौना घंटा पहले और बाद में कुछ खाये पिये नहीं। 10 से 12 दिन लगातार इस नुस्खे को करने से खुनी और बादी हर तरीके की बवासीर से राहत मिलती है।
  • जाने कब्ज़ का इलाज के देसी नुस्खे

बवासीर का इलाज बाबा रामदेव मेडिसिन

  • बवासीर के मस्सों से छुटकारा पाने के लिए अगर आप आयुर्वेदिक मेडिसिन लेना चाहे तो बाबा रामदेव पतंजलि स्टोर से आप दिव्य अर्शकल्प वटी ले सकते है। इस दवा की 1 से 2 गोली दिन में दो बार पानी या लस्सी के साथ ले।

योग से बवासीर का उपचार कैसे करे

शरीर को स्वस्थ रखने और बीमारियों से जल्दी राहत पाने में योग करना अच्छा उपाय है। बवासीर के योग में अनुलोम – विलोम और कपालभाति प्राणायाम दिन में 2 बार करें। अगर आप प्राणायाम करने की सही प्रक्रिया नहीं जानते तो आप किसी योग गुरु की मदद ले। आप घर बैठे baba ramdev की विडियो देख कर भी सिख सकते है।

बवासीर में क्या खाये

  1. करेले का रस, लस्सी, पानी।
  2. दलिया, दही चावल, मूंग दाल की खिचड़ी, देशी घी।
  3. खाना खाने के बाद अमरूद खाना भी फायदेमंद है।
  4. फलों में केला, कच्चा नारियल, आंवला, अंजीर, अनार, पपीता खाये।
  5. सब्जियों में पालक, गाजर, चुकंदर, टमाटर, तोरई, जिमीकंद, मूली खाये।

बवासीर में परहेज क्या करे

बवासीर का उपचार में जितना जरूरी ये जानना है की क्या खाये उससे जादा जरुरी इस बात की जानकारी होना है कि क्या नहीं खाये।

  • तेज मिर्च मसालेदार चटपटे खाने से परहेज करें।
  • मांस मछली, उड़द की दाल, बासी खाना, खटाई न खाएं।
  • डिब्बा बंद भोजन, आलू, बैंगन।
  • शराब, तम्बाकू।
  • जादा चाय और कॉफ़ी के सेवन से भी बचे।

बवासीर से बचने के उपाय

दोस्तों बहुत से लोग इस बीमारी से प्रभावित है पर हम कुछ बातों का ध्यान रख कर इससे बच सकते है।

  1. खाने पीने की बुरी आदतों से परहेज करे जैसे धूम्रपान और शराब।
  2. खाने में मसालेदार और तेज मिर्च वाली चीजें न खाये।
  3. पेट से जुड़ी बीमारियों से बचे।
  4. कब्ज़ की समस्या बवासीर का प्रमुख कारण है इसलिए शरीर में कब्ज़ न होने दे।
  5. गर्मियों के मौसम में दोपहर को पानी की टंकी का पानी गर्म हो जाता है, उसे पानी से गुदा को धोने से बचें।

अगर आप पाइल्स के परेशान है और इससे छुटकारा पाने के लिए ऑपरेशन करवाने का सोच रहे है तो इससे पहले किसी आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह से यहाँ बताये हुए नुस्खे अपना कर देखे। घरेलू और आयुर्वेदिक तरीके से किये गए उपचार से सर्जरी की नौबत आयी हुई बीमारियों में भी असरदार है।

दोस्तों बवासीर का उपचार के घरेलू उपाय और देसी तरीके, piles treatment in hindi का ये लेख आपको कैसा लगा हमें कमेन्ट कर के बताये और अगर आप के पास बवासीर के मस्से का इलाज के आयुर्वेदिक नुस्खे है तो हमारे साथ शेयर करे। Bawaseer ka ilaj upay aur gharelu nuskhe से जुड़े आपके अनुभव और सुझाव भी हमारे साथ साँझा करे।

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