मोतियाबिंद के प्रकार क्या है

Eye Health - आँखों की सेहत Cataract - मोतियाबिंद मोतियाबिंद के प्रकार क्या है

मोतियाबिंद आँखों में होने वाला एक घातक रोग है, जिसके हो जाने पर आपको कम दिखाई देने लगता है| अधिकतर मोतियाबिंद की परेशानी बुजुर्गो में ज्यादा पाई जाती है लेकिन आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में यह युवाओं और बच्चों में भी होने लगा है| मोतियाबिंद कभी भी एकदम से नहीं होता है, शुरुआत में यह बहुत छोटे रूप में उत्पन्न और दिखाई देता है लेकिन धीरे धीरे बढ़ता चला जाता है| ज्यादातर मोतियबिंद पहले एक आँख में होता है, फिर दूसरी आँख में भी हो सकता है|मोतियाबिंद में आपको फीके रंग, धुंधला दिखाई देना, दो चीजे दिखाई देना, तेज रोशनी और रात में देखने में परेशानी इत्यादि लक्षण दिखाई दे सकते है| मोतियाबिंद की पहचान अगर शुरुआत में ही हो जाए तो कभी भी लापरवाही नहीं करनी चाहिए तुरंत किसी नेत्र चिकित्सक से पास जाकर आँखों की जाँच करवानी चाहिए| जाँच के बाद डॉक्टर आपको उसका इलाज बताता है, पहले इसका इलाज ऑपरेशन से होता था लेकिन आज के आधुनिक युग में लेजर से भी मोतियाबिंद का इलाज किया जाता है| बहुत से लोग मोतियाबिंद की पहचान होने के बाद भी लापरवाही कर देते है जिसकी वजह से उनकी आँखों की रौशनी भी बाधित हो सकती है| चलिए आज हम आपको मोतियाबिंद के प्रकार के बारे बताते है, जिनकी मदद से आप आसानी से मोतियाबिंद के बारे में जान सकते है –

1 – न्यूक्लिअर स्क्लेरोटिक मोतियाबिंद

इस प्रकार का मोतियाबिंद सबसे ज्यादा पाया जाता है और यह बहुत धीरे धीरे आँखों में बढ़ता है| इसमें आँखों का लेंस पीला होने लगता है और यह बढ़ती उम्र में ज्यादा होता है| इस प्रकार का मोतियाबिंद आपकी आँख की रौशनी पर फर्क डाल सकता है,खासतौर पर पास की नजर को कमजोर कर सकता है, जिसकी वजह से पास की चीजे साफ़ रूप से दिखाई नहीं देती है|

2 – कॉर्टिकल मोतियाबिंद

कॉर्टिकल मोतियाबिंद आँख के लेंस की बाहरी सतह पर होता है| इसकी शुरुआत में आपको लेंस के बाहरी तरफ एक सफ़ेद धब्बा दिखाई देता है, जिसका इलाज अगर समय पर नहीं कराया जाए तो यह धीरे धीरे बढ़कर पूरी आँख में हो जाता है|ऐसे में लापरवाही नहीं करनी चाहिए वरना आपकी आँखों की रौशनी तक बाधित हो सकती है|

3 – सबकैप्सूलर मोतियाबिंद

इस प्रकार के मोतियाबिंद से ग्रस्त मरीज को पढ़ने में परेशानी हो सकती है और रोशनी से आँखों में चमक महसूस हो सकती है| जिन इंसानो को मधुमेह की बीमारी होती है उनमे सबकैप्सूलर मोतियाबिंद के होने की प्रबल सम्भावना होती है और ये आँखों में बहुत तेजी से फैलता है|

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