ड्राई आई सिंड्रोम से जुड़े जोखिम और जटिलताएं क्या हैं

Dry Eye Syndrome - आंखों में सूखापनड्राई आई सिंड्रोम से जुड़े जोखिम और जटिलताएं क्या हैं

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में ड्राई आई सिंड्रोम की परेशानी किसी की भी आँखों में कभी भी हो सकती है, आँखे हम सभी के लिए कितनी जरुरी है ये बताने की जरुरत नहीं है| अक्सर हम से कुछ लोग आँखों में थोड़ी परेशानी होने पर डॉक्टर के पास नहीं जाते है और ना ही उनकी जाँच करवाते है, बस अपनी मर्जी से या किसी और की सलाह लेकर अपनी आँख में दवाई डाल लेते है, जिसकी वजह से परेशानी काफी बढ़ जाती है| ड्राई आई सिंड्रोम की परेशानी अगर शुरुआत में ही पता चल जाए तो उसका इलाज आसानी से हो सकता है| लेकिन अगर आप इस परेशानी को थोड़ा सा भी अनदेखा करते है तो आपको घातक परिणाम भुगतने पढ़ सकते है| चलिए आज हम आपको ड्राई आई सिंड्रोम से जुड़े जोखिम के बारे बताते है

1 – ड्राई आई सिंड्रोम में लापरवाही करने पर आपकी आँखों में संक्रमण हो सकता है, धीरे धीरे उस संक्रमण से आपकी आँखों की रौशनी तक जा सकती है|

2 – आँखों के शुष्क होने पर लापरवाही नहीं करनी चाहिए, वरना कई बार आपकी आँखों में सूजन भी आ सकती है|

3 – ड्राई आई सिंड्रोम से आपकी आँखों की कॉर्नियल सतह ख़राब हो सकती है, जिसकी वजह से कॉर्नियल अल्सर होने की सम्भावना बढ़ जाती है|

4 – आंसू तीन परतो से मिलकर बने होते है, किसी भी परत में कुछ कमी आने पर शुष्क आँखे हो सकती है, अगर आप इन्हे अनदेखा करते है तो आपको धुंधला भी दिखाई दे सकता है, अगर इलाज सही से ना कराया जाये तो आप अपनी आँखों की रौशनी भी खो सकते है|

5 – ड्राई आई सिंड्रोम की परेशानी से आपकी आँखों की मांसपेशियों में परेशानी भी आ सकती है, जिसकी वजह से वो मांसपेशिया बिलकुल खत्म और ख़राब भी हो सकती है, जिसकी वजह से आँखों की रौशनी भी चली जाती है| इसीलिए लापरवाही ना करे और अपनी आँखों की जाँच और इलाज सही से करवाए|

6 – अगर आपकी आँखों में ड्राई आई सिंड्रोम के लक्षण दिखाई दे तो किसी भी तरह की लापरवाही ना करे और ना ही कभी भी अपनी मर्जी से इलाज करे, बल्कि तुरंत किसी आँखों के अच्छे डॉक्टर से मिले और अपनी आँखों की जाँच कराए, वरना आपकी आँखों की रौशनी भी जा सकती है|

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