भेंगापन क्या होता है

भेंगापन को हम आँखों में तिरछापन के नाम से भी जानते है| इसमें हमारी दोनों आँखे किसी भी चीज को एक साथ नहीं देख पाते है| सामान्य रूप से हमारी आँखों से जुडी हुई मांसपेशिया दोनों आँखों को एक साथ सामान रूप से एक चीज को देखती है| जब मांसपेशिया में किसी वजह से कोई कमी आ जाती है तो हमारी आँखे किसी भी चीज को एक साथ नहीं देख पाती है| दोनों आँखे दो अलग अलग दिशाओ में देखती है ऐसी स्थिति को हम भेंगापन और तिरछापन भी कहते है| वैसे भैंगापन बच्चो में अधिक होता है, लेकिन कई बार युवा और बुजुर्ग में भी हो सकता है| कुछ डॉक्टर बताते है की भेंगापन दो तरह का होता है| पहले प्रकार के भेंगापन में आपको सामने से आँखों को देखकर पता लगाया जा सकता है, लेकिन दूसरे प्रकार के भेंगापन में आपको सामने से कुछ दिखाई नहीं देता है| भेंगापन का पता अगर शुरुआत में ही चल जाए तो उसका इलाज करना आसान हो जाता है, लेकिन अगर देर हो जाए तो इसका इलाज हो पाना बहुत मुश्किल हो जाता है| इसीलिए अगर आपको थोड़ा सा भी शक हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाए| चलिए आज हम आपको भेंगापन के बारे में जानकारी देते है –

1 – पहले प्रकार के भेंगापन में इंसान की आँखों को घुमाने वाली मांसपेशिया या तो ख़राब हो जाती है या उन्हें लकवा मार जाता है| ब्लडशुगर का अनियंत्रित होना, हाई ब्लडप्रैशर, दिमागी बुखार और बीमारी, आँखों में चोट लगना इत्यादि चीजों की वजह से भी हो सकता है| ऐसे भेंगापन को पैरालिटिक कहा जाता है और इसमें आपकी आँखे आपको हर चीज की दो चीज दिखती है,इसीलिए ऐसा होने पर बिलकुल भी लापरवाही न करे तुरंत किसी अच्छे डॉक्टर से मिले और इलाज कराए वरना आपका भेंगापन दूर होना बहुत मुश्किल हो जाता है|

2 – दूसरे प्रकार के भेंगापन में आपको हर चीज की दो चीज नहीं दिखाई देती है| इस प्रकार के भेंगापन में आपकी मांसपेशिया बिलकुल ठीक होती है,लेकिन इसमें हमारी आँखों के रेटिना को जो चीज दिखाई देती है वो उसे सही से हमारे दिमाग तक नहीं पंहुचा पाती है| वैसे इस तरह का भेंगापन अपने आप कुछ समय बाद चला जाता है| ऐसे भेंगेपन में आपकी आँखे काफी कमजोर हो जाती है,कई बार चश्मा भी लगाना पड़ सकता है| इस प्रकार का भेंगापन 5 से 9 साल तक के बच्चो में ज्यादा होता है,ऐसे भेंगेपन का पता लगाने के लिए बच्चो के माँ बाप को जागरूक होना पड़ता है|

3 – कुछ बच्चो की आँखों में जन्म से ही भेंगापन होता है| ऐसे भेंगापन का ऑपरेशन करके उसे ठीक किया जा सकता है| उनकी आँखों की मांसपेशियों में शुरू से खराबी या परेशानी रहती है |

हम आशा करते है की sehatdoctor के द्वारा दी गई जानकारी आपको पसंद आई होगी और जिस भी परेशानी के नुस्खे आपने पढ़ें है उस परेशानी में भी आपको आराम प्राप्त हुआ होगा| किसी भी अन्य बीमारी या परेशानी के लिए हेल्थ टिप्स इन हिंदी (health tips in hindi) और घरेलु नुस्खे इन हिंदी (gharelu nuskhe in hindi) जरूर पढ़ें और लाभ प्राप्त करें| आपका अनुभव कैसा रहा इसकी जानकारी कमेंट करके जरूर बताए |

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