दिल के दौरे का आयुर्वेदिक इलाज (heart attack ka upay)

Disease - बीमारी दिल के दौरे का आयुर्वेदिक इलाज (heart attack ka upay)
  • हार्ट अटैक का आयुर्वेदिक इलाज (heart attack ka upay) : जब दिल तक खून पहुँचाने में रुकावट आती है तब हार्ट अटैक (दिल का दौरा ) होने की सम्भावना होती है| अगर सही समय पर दिल की बीमारी का ट्रीटमेंट ना किया जाये तो ये जानलेवा भी हो सकती है|हार्ट अटैक की बीमारी का इलाज महंगा होने के कारण ये आम व्यक्ति की पहुँच से बाहर होता है और पैसो के अभाव में ये बीमारी जानलेवा हो जाती है| इससे पहले वाले लेख में हम जानेगे दिल का दौरा पड़ने से कैसे बचे और अगर दौरा पढ़ जाये तो घरेलू और आयुर्वेदिक तरीके से अपना उपचार कैसे करे |

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Heart Attack Ka Ayurvedic ilaj, Dil Ka Daura Rokane Ke Upay

 

हार्ट अटैक के लक्षण : Symptoms of Heart Attack

  • साँसे फूलना
  • ज्यादा पसीना आना
  • छाती में दर्द या जलन होना
  • उल्टी आना
  • चक्कर आना या बेहोश होना
  • जी मचलना और घबराहट होना
  • पेट दर्द होना

 

हार्ट अटैक के कारण ( Causes of Heart Attack )

 

हार्ट अटैक  (दिल का दौरा ) का एलोपैथी इलाज :

  • एलोपैथी में डॉक्टर्स एंजियोप्लास्टी ट्रीटमेंट से इस बीमारी का इलाज करते है . और हार्ट की प्रोब्लेम्स से बचाव  के लिए डॉक्टर हार्ट की सर्जरी करवाने की सलाह देते है| जिससे हम हार्ट बाईपास ट्रीटमेंट भी कहते है जिसमे 5 लाख तक का खर्चा आ जाता है|हार्ट बाईपास सर्जरी में ब्लॉकेज वाली नली में स्प्रिंग्स डाल दिए जाते है जिसे स्टंट भी कहते है| पर एंजियोप्लास्टी के बाद भी रोगी को दोबारा हार्ट अटैक होने का खतरा बना रहता है . लेकिन आयुर्वेद के उपचार से आप किसी भी बीमारी का पूरा इलाज कर सकते है|

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हार्ट अटैक का आयुर्वेदिक इलाज : दिल का दौरा रोकने के उपाय

 

योग, आयुर्वेद और कुछ घरेलु नुस्खे अपना कर  आप बिना एंजियोप्लास्टी और ऑपरेशन के 80 से 90% तक की हार्ट ब्लॉकेज खोल सकते है और हार्ट की दूसरी बीमारियों का ट्रीटमेंट भी घर बैठे कर सकते है . दिल का दौरा रोकने के लिए आयुर्वेद में काफी आसान तरीके है जो काफी कारगर है|

 

राजीव दीक्षित का बताया हुआ आयुर्वेदिक उपचार :

हार्ट की ब्लॉकेज को खत्म करने के लिए आयुर्वेद चिकनाई से पैदा हुए अम्ल (एसिड ) को खत्म कर देता है जिससे हार्ट की बिमारी  जड़ से खत्म हो जाती है | दिल की बीमारिया एसिडिटी (अमलता ) के कारण होती है| अम्लता 2 प्रकार की हो सकती है पहली वो जो पेट से सम्बंधित होती है और दूसरी अम्लता खून यानी ब्लड की होती है| जब पेट की एसिडिटी  बढ़ती है तब पेट में जलन महसूस होती है और ये एसिडिटी जब ज्यादा बढ़ती है तब ये हाइपरसिटी हो जाती है और पेट की एसिडिटी बढ़ते बढ़ते ब्लड एसिडिटी में बदल जाती है|

जब ये अम्लीय ब्लड खून की नालियों से नहीं निकल पता तब रक्त परवाह करने वाली नालियों में ब्लॉकेज हो जाती है जो हार्ट अटैक का कारण बनती है |

हार्ट अटैक का आयुर्वेदिक इलाज में ब्लड की अमलता को खत्म करने के लिए शारिया (एल्कलाइन ) चीजे खाने की सलाह दी जाती है| शारिया चीजे खाने से रक्त में बढ़ी हुई अमलता न्यूट्रल हो जाती है और ब्लॉकेज खुल जाती है| आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट अपना कर हम दिल का दौरा पड़ने की सम्भावना खत्म कर सकते है|

  1. लौकी सब से ज्यादा शारिया होती है . लौकी की सब्जी , लौकी का जूस या फिर कच्ची लौकी खाने से भी फायदा मिलता है| (लौकी कड़वी नहीं होनी चाहिए)
  2. तुलसी भी बहुत शारिया है और इसे हम लौकी के जूस में मिलकर भी पी सकते है|
  3. पुदीना (मिंट ) में भी शारिया गुण होते है . पुदीना और तुलसी को हम लौकी के साथ मिला कर लौकी के जूस को ज्यादा शारिया बना सकते है और इसमें हम सेंधा नमक भी मिला सकते है|

 

हार्ट प्रॉब्लम्स के इलाज के  लिए  योग टिप्स

हार्ट की किसी भी तरह की कोई बीमारी हो योग गुरु बाबा रामदेव के  बताये हुए योग के प्राणायाम धीरे -धीरे करे . निचे बताये हुए 5 तरीके के प्राणायाम करने से हार्ट परेशानी में बहुत लाभ मिलता  है

  1. भस्त्रिका प्राणायाम
  2. कपालभाति  प्राणायाम
  3. अनुलोम-विलोम  प्राणायाम
  4. भ्रामरी  प्राणायाम
  5. उद्गीथ प्राणायाम

 

हार्ट अटैक के इलाज के लिए बाबा रामदेव मेडिसिन

  1. दिव्या अर्जुन क्वथ 4-4 चमच खाने के बाद पिए.
  2. दिव्या हृदयामृत 2-2 गोली सुबह शाम.
  3. हार्ट की प्रॉब्लम सीरियस हो गयी है तो 5-5 गरम दिव्या सांगेयासाव पिष्टी, दिव्या एकिक पिष्टी, 2 से 4 गरम दिव्या मोती (मुक्त ) पिष्टी और 1 से 2 ग्राम योगेंदर रस मिलाकर एक मिश्रण बना ले और बराबर मात्रा में 60 पुड़िया बना ले और सुबह शाम खाली पेट 1-1 पुड़िया शहद के साथ ले

 

एक्यूप्रेशर से हार्ट अटैक का इलाज :

  • हाथ की सब से छोटी उंगली के नीचे गहरी रेखा के ऊपर दबाने से सभी प्रकार की हृदय के रोग (चेस्ट इन्फेक्शन, हार्ट पैन, हार्ट फेलियर, हार्ट बीट बढ़ जाना, हार्ट ब्लॉकेज, हार्ट एंलार्ज, कार्डियोवैस्कुलर डिसीसेस ) में फायदा मिलता है |

 

हार्ट अटैक (दिल का दौरा ) से बचने के घरेलू उपाय

 

हार्ट अटैक और दिल की बीमारियों से हर साल लाखो लोगो की मौत होती है . हमारे डेली रूटीन में कुछ उपाय और घरेलु नुस्खे अपनाकर हम हार्ट की बीमारियों से बचे रह सकते है और जरुरत पड़ने पर इनका इलाज भी कर सकते है|

  1. अर्जुन छाल हार्ट की सभी डिसीसेस के लिए उत्तम औषधि है| अर्जुन छाल की चाय बना कर पीने से बहुत फायदा मिलता है|
  2. रोजाना दलिया (ओट्स ) खाने से हार्ट की प्रोब्लेम्स होने का खतरा काफी काम होता है , क्योंकि दलिये में साबुत अनाज होता है
  3. शहद दिल को ताकत देता है , इसलिए रोजाना 1 चमच्च शहद का सेवन जरूर करे|
  4. सूखा आवला और मिश्री को बराबर मात्रा में पीस कर हर रोज पानी के साथ 1 चमच्च लेने से दिल का दौरा पड़ने की सम्भावना कम होती है|
  5. खाने में अलसी के तेल का प्रयोग करे . अलसी में ओमेगा-3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में होता है जिससे दिल मजबूत होता है|.
  6. गुड़ को घी में मिला कर रोजाना खाने से दिल को ताकत मिलती है|
  7. अलसी के पत्ते और सूखे धनिया का काढ़ा बना कर पीने से भी दिल की कमजोरी दूर होती है|

 

किसी भी बीमारी के इलाज से बेहतर है आप उससे बचे , इसलिए ऐसे खान पान से दूर रहे जो किसी बीमारी का कारण बनती है |

 

हम आशा करते है की sehatdoctor के द्वारा दी गई जानकारी आपको पसंद आई होगी और जिस भी परेशानी के नुस्खे आपने पढ़ें है उस परेशानी में भी आपको आराम प्राप्त हुआ होगा| किसी भी अन्य बीमारी या परेशानी के लिए हेल्थ टिप्स इन हिंदी ( health tips in hindi ) और घरेलु नुस्खे इन हिंदी ( gharelu nuskhe in hindi ) जरूर पढ़ें और लाभ प्राप्त करें| आपका अनुभव कैसा रहा इसकी जानकारी कमेंट करके जरूर बताए |

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16 टिप्पणी

  1. महाशय,
    मेरा नाम बासुदेव महतो है| मै 16 वर्ष का हुँ| मुझे आपलोगो से दो प्रश्नो का उत्तर जानना है 1)मैं कभी-कभी जब लम्बी स्वास लेता हु तो मेरे सिने के बाई ओर दर्द करने लगता है,तो क्या ये दिल का दौरा है या कभी पड सकता है| 2)इसका ईलाज क्या है? यदी ईलाज हो या कोई आयुर्वेदिक सलाह हो तो हमे मेरे ईमेल पर मेल कर दे|

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