आँखों में तनाव से जुड़े जोखिम और जटिलताएं क्या हैं

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आँखों में तनाव की परेशानी होने पर सबसे पहले हमे उससे जुड़े जोखिम को भी जानना चाहिए| आँखों में परेशानी कभी भी और किसी भी मौसम में हो सकती है| कई बार आँखों में तनाव मधुमेह, उच्च रक्तचाप जैसी बीमारी की वजह से भी हो सकता है, इसीलिए कभी भी ऐसी बीमारी में लापरवाही नहीं करनी चाहिए वरना आपकी आँखों की परेशानी बढ़ती चली जाती है और कई बार परेशानी इतनी बढ़ जाती है की आपकी आँखों की रौशनी तक बाधित हो सकती है|

कुछ लोग घरेलु नुस्खे अपनाकर भी आँखों के तनाव और अन्य परेशानी का उपचार कर लेते है, लेकिन अगर देसी उपचार के बाद भी आँखों की परेशानी कम और खत्म नहीं हो रही हो तो नेत्र चिकित्सक से इलाज कराना चाहिए, वरना थोड़ी सी देरी आपकी आँख की रौशनी को भी खत्म कर सकती है| कंप्यूटर और मोबाइल पर लगातार काम करने की वजह से आपकी आँखों में धुंधलापन की परेशानी हो सकती है, वैसे तो धुंधलेपन की परेशानी कुछ समय बाद अपने आप समाप्त हो जाती है लेकिन कई बार ऐसा धुंधलापन घातक रूप भी ले सकता है| हमारी आँखों में तनाव से होने वाली परेशानी की जाँच करने के लिए हमे मांसपेशियों की जाँच करनी पड़ती है, मांसपेशियाँ अगर सही से काम नहीं करती है तो आँखों में कोई ना कोई परेशानी हो जाती है|

आँखों में धुंधलेपन की परेशानी आँखों की नसों में दबाव की वजह से हो सकती है, आँखों में पानी ज्यादा आना भी मांसपेशियों की कमी की वजह से होता है कई बार आँखों की मांसपेशियों में छेद हो जाते है या कोई और परेशानी हो जाती है जिसकी वजह से आँख में पानी आ जाता है| आँखों में कोई भी परेशानी होने पर कुछ लोग अपनी मर्जी या किसी दूसरे की सलाह पर मेडिकल से दवाई लेकर खा लेते है या आँखों में डाल लेते है, जिसकी वजह से कई बार परेशानी दूर हो जाने की बजाय बढ़ जाती है| इसलिए कभी आँखों में परेशानी होने पर बिना कोई लापरवाही करते हुए तुरंत डॉक्टर से जाँच और इलाज करना चाहिए|

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